ब्रिटेन में अनिवार्य सैन्य सेवा की वापसी: 65 साल बाद फिर से शुरुआत – जानें किन देशों में हैं सख्त नियम और भारत में क्यों नहीं”

ब्रिटेन में 65 साल बाद फिर से अनिवार्य सैन्य सेवा की शुरुआत, जानें किन देशों में हैं सख्त नियम और भारत में क्यों नहीं है यह प्रावधान
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने आगामी आम चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि अगर कंजर्वेटिव पार्टी सत्ता में आती है, तो सभी युवाओं के लिए नेशनल आर्मी सर्विस में सेवा देना अनिवार्य कर दिया जाएगा। इस नई योजना के तहत, 18 साल के युवाओं को 12 महीने की सेवा देना अनिवार्य होगा।

चुनावी रणनीति का हिस्सा

ब्रिटेन में 4 जुलाई को आम चुनाव होंगे और यह माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री सुनक ने यह घोषणा कंजर्वेटिव वोटरों को आकर्षित करने के लिए की है। विपक्षी लेबर पार्टी ने इसे चुनावी नौटंकी करार दिया है।

65 साल बाद फिर से अनिवार्य सैन्य सेवा

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 1949 से 1960 तक ब्रिटेन में 17 से 21 साल के युवाओं को 18 महीने तक सेना में सेवा देना अनिवार्य था। ऐसे युवाओं को चार साल के लिए सेना में रिजर्व भी रखा जाता था। अगर यह योजना लागू होती है, तो 65 साल बाद ब्रिटेन में फिर से अनिवार्य सैन्य सेवा शुरू हो जाएगी।

वर्तमान योजना क्या है?

कंजर्वेटिव पार्टी के अनुसार, 18 साल से ऊपर के युवाओं को दो विकल्प मिलेंगे। पहला विकल्प यह है कि युवा हर वीकेंड पर मिलिट्री ट्रेनिंग ले सकते हैं। इस विकल्प के तहत, युवाओं को एक साल में 25 दिन मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी। दूसरा विकल्प यह है कि युवा 30 हजार रिजर्व वैकेंसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

युवाओं के पास नेशनल आर्मी सर्विस में सेवा देना अनिवार्य होगा और इसका पालन नहीं करने पर कई तरह के प्रतिबंध लग सकते हैं।

किन-किन देशों में जरूरी है सेना में सेवा देना?

  1. रूस: 18 से 27 साल के युवाओं के लिए 12 महीने तक सेना में सेवा देना अनिवार्य है। मना करने पर जुर्माना और जेल की सजा दी जाती है।
  2. उत्तर और दक्षिण कोरिया: उत्तर कोरिया में 17-18 साल की उम्र से युवाओं को सेना में भर्ती किया जाता है, पुरुषों को 10 साल और महिलाओं को 7 साल काम करना अनिवार्य है। दक्षिण कोरिया में पुरुषों को सेना में 21 महीने, नौसेना में 23 महीने और वायुसेना में 24 महीने की सेवा करनी होती है।
  3. इजरायल: यहूदियों के लिए सेना में सेवा देना अनिवार्य है। पुरुषों के लिए 2 साल 8 महीने और महिलाओं के लिए 2 साल की सीमा है।
  4. ब्राजील: यहां हर पुरुष को कम से कम 12 महीने तक सेना में सेवा देना अनिवार्य है। सेवा से मना करने पर वोटिंग का अधिकार छीन लिया जाता है और चुनाव लड़ने पर रोक लग जाती है। महिलाओं को इससे छूट मिली है।
  5. ईरान: 18 साल से ऊपर के हर पुरुष को 18 से 24 महीने तक सेना में सेवा करनी होती है। मना करने पर सरकारी नौकरी नहीं मिलती और विदेश जाने पर भी प्रतिबंध लग जाता है।
  6. तुर्की: 20 से 41 साल के सभी पुरुषों को कम से कम छह महीने तक सेना में सेवा करनी अनिवार्य है।
  7. क्यूबा: 16 साल के ऊपर के पुरुष सैन्य सेवा करने के लिए योग्य होते हैं। 17 से 28 साल की उम्र के पुरुषों को दो साल तक सैन्य सेवा करनी होती है।
  8. स्विट्जरलैंड: 20 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों को सेना में सेवा देनी होती है। महिलाओं के लिए यह स्वैच्छिक है।
  9. स्वीडन: पुरुषों और महिलाओं को 9 से 12 महीने तक सेना में सेवा करना अनिवार्य है।

भारत में अनिवार्य सैन्य सेवा का प्रावधान क्यों नहीं?

भारत में अनिवार्य सैन्य सेवा का प्रावधान नहीं है। 2014 में केंद्र सरकार ने संसद में बताया था कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां हर किसी को अपना पेशा चुनने का अधिकार है। सरकार का यह भी मानना है कि सभी युवाओं को मिलिट्री ट्रेनिंग देने से देश का सैन्यीकरण हो सकता है और मिलिट्री ट्रेनिंग लेने के बाद कुछ बेरोजगार युवा असामाजिक तत्वों के साथ शामिल हो सकते हैं।

2019 और 2022 में लोकसभा में दो सदस्यों ने प्राइवेट बिल पेश किए थे। ये बिल अनिवार्य सैन्य सेवा से जुड़े थे। 2019 में बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने बिल पेश किया था जिसमें सभी युवाओं के लिए 18 महीने सैन्य सेवा जरूरी कर देने का प्रस्ताव था। 2022 में बीजेपी सांसद भोला सिंह द्वारा पेश बिल में 12 महीनों की अनिवार्य सैन्य सेवा का प्रावधान था।

भारत में 18 साल से ऊपर का कोई भी पात्र युवा सेना में भर्ती हो सकता है। सेना में पहले 14 साल तक शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत भर्ती किया जाता है और इसके बाद परमानेंट कमीशन के लिए भी अप्लाई किया जा सकता है।

अग्निवीर योजना

2022 में सरकार अग्निवीर योजना लेकर आई थी। इसके तहत, 17.5 से 21 साल तक के युवाओं को चार साल सेना में सेवा करने का मौका मिलता है। चार साल बाद 25% युवाओं को सेना में बरकरार रखा जाएगा। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को सैन्य सेवा का अनुभव प्रदान करना और उनकी रोजगार योग्यता को बढ़ाना है।

ब्रिटेन में अनिवार्य सैन्य सेवा की फिर से शुरुआत होने पर कई सवाल उठ रहे हैं। जहां कुछ लोग इसे देशभक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे चुनावी रणनीति और युवाओं पर अनावश्यक दबाव डालने का तरीका बता रहे हैं। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में अनिवार्य सैन्य सेवा की अवधारणा को नकार दिया गया है, लेकिन अग्निवीर योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सैन्य सेवा का अनुभव प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।

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