हरियाणा बोर्ड परीक्षाओं में नकल पर सख्ती: FIR तक होगी कार्रवाई, मोबाइल पर भी बैन
हरियाणा में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल रोकने के लिए सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। नकल पर नकेल कसने के लिए एक कड़ा प्लान तैयार किया गया है, जिसमें न केवल सख्त निगरानी होगी, बल्कि किसी भी तरह की चूक पर एफआईआर तक दर्ज की जाएगी। साथ ही, परीक्षा केंद्रों में शिक्षकों के मोबाइल इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इस नए नियम के तहत परीक्षा केंद्रों पर सख्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। आइए जानते हैं इस फैसले की पूरी जानकारी।
सख्त पहरा: परीक्षा केंद्रों पर पुलिस की तैनाती
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को नकल मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। महेंद्रगढ़ जिले में इस बार सभी 52 परीक्षा केंद्रों पर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। जिला उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने कहा कि परीक्षा केंद्रों में गड़बड़ी होने पर उस कमरे के निरीक्षक और केंद्र अधीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ भी मौजूद थीं।
मुख्यमंत्री खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री स्वयं इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर किसी स्कूल में बाउंड्री वॉल नहीं है तो वहां बैरिकेडिंग करवाई जाएगी। जहां ऊपरी मंजिल उपलब्ध है, वहां ग्राउंड फ्लोर पर परीक्षा नहीं होगी। परीक्षा कक्षों की खिड़कियों पर जालियां लगाने के भी आदेश दिए गए हैं।
बाहरी हस्तक्षेप पर होगी कड़ी कार्रवाई
परीक्षा के दौरान बाहरी लोगों के हस्तक्षेप को रोकने के लिए भी ठोस उपाय किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। डीसी ने सभी केंद्र अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सरपंचों के साथ बैठक करें और नकल रोकने में उनका सहयोग लें। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की निगरानी के लिए विशेष फ्लाइंग स्क्वाड का गठन किया गया है।
एसडीएम करेंगे परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण
जिला उपायुक्त ने संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे लगातार परीक्षा केंद्रों का दौरा करें। इस बार जिले में चार फ्लाइंग स्क्वाड होंगी, जिनमें एक जिला शिक्षा अधिकारी की टीम होगी और तीन टीमें हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से आएंगी। इसके अलावा, एक फ्लाइंग स्क्वाड स्वयं उपायुक्त की निगरानी में होगी। बैठक में नांगल चौधरी के एसडीएम मनोज कुमार, कनीना के एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह, नारनौल के एसडीएम रमित यादव, नगराधीश मंजीत कुमार, डीएसपी सुरेश कुमार, डीएसपी हरदीप सिंह, डीएसपी दिनेश कुमार और जिला शिक्षा अधिकारी संतोष चौहान के अलावा अन्य अधिकारी भी शामिल थे।
परीक्षा केंद्रों में मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित
पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ ने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों में केंद्र अधीक्षक को छोड़कर किसी के पास भी मोबाइल फोन नहीं होना चाहिए। सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन एक निश्चित स्थान पर जमा कराने होंगे। पुलिस की पेट्रोलिंग टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का दौरा करेंगी ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। किसी भी परीक्षा केंद्र में अनधिकृत व्यक्ति प्रवेश न कर सके, इसके लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी से तैनात रहेगी।
कड़ी सुरक्षा के बावजूद पारदर्शिता बनी रहेगी
बोर्ड परीक्षाओं को नकल मुक्त बनाने के इस प्रयास में जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि परीक्षा में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर फ्लाइंग स्क्वाड की तैनाती से लेकर सीसीटीवी कैमरों तक की व्यवस्था की गई है ताकि कोई भी अनुचित गतिविधि पकड़ी जा सके।
सख्त नियम, लेकिन छात्रों के हित में
नकल पर नकेल कसने के लिए उठाए गए इन कदमों से जहां अनुशासनहीनता पर रोक लगेगी, वहीं छात्रों में परीक्षा को लेकर ईमानदारी और मेहनत की भावना भी विकसित होगी। इससे परीक्षा का स्तर ऊंचा होगा और योग्य छात्रों को उनका सही हक मिलेगा।
हरियाणा में शिक्षा प्रणाली को सुधारने और नकल मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार की यह पहल उन छात्रों के लिए सकारात्मक है, जो कड़ी मेहनत कर परीक्षा में बैठते हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी को अनुचित लाभ न मिले और योग्यता के आधार पर ही मूल्यांकन हो।
