झारखंड के रामगढ़ जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ है। 30 मई 2024 को विद्यानगर स्थित घर में 60 वर्षीय सुशीला देवी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। सुशीला देवी रिटायर्ड रेलवे अधिकारी अशर्फी प्रसाद की पत्नी थीं। हत्यारों ने चाकू से गोदकर उनकी हत्या की और घर में रखी नकदी और जेवरात लूट लिए। हत्या के बाद, साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से अपराधियों ने घर में आग भी लगा दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
हत्या और लूट की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस की तत्परता से 72 घंटे के भीतर ही मुख्य साजिशकर्ता कुमारी स्नेहा और उसके पति आरिफ नैयर और सहयोगी अशरफ अली को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद, पुलिस ने 6 जून 2024 को चौथे आरोपी कासिफ मून अमीन को भी धर दबोचा। आखिरकार, 27 वर्षीय पांचवां आरोपी अंकित कुमार को गढ़वा जिले से 17 जून को गिरफ्तार किया गया।
वारदात की योजना: रिहर्सल से लेकर अंजाम तक
रामगढ़ एसपी बिमल कुमार ने बताया कि इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता कुमारी स्नेहा उर्फ रिंकी हैं, जो मृतका की बहू की छोटी बहन है। आर्थिक तंगी और बैंक के कर्ज की वजह से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। स्नेहा को पता था कि उसकी बहन के ससुराल वाले आर्थिक रूप से समृद्ध हैं और अक्सर घर में अकेले रहते हैं।
हत्या से एक दिन पहले, स्नेहा और उसके साथियों ने रांची में वारदात की रिहर्सल की थी। उन्होंने पूरी योजना बनाई कि कौन किसका हाथ पकड़ेगा और कौन चाकू चलाएगा। वारदात के दिन, अपराधी तीन चाकू लेकर आए थे।
वारदात का अंजाम
घटना के दिन, सुशीला देवी घर में अकेली थीं। वह अनजान लोगों के लिए दरवाजा नहीं खोलती थीं और अक्सर बालकनी से ही बात करती थीं। जब पुलिस ने जांच की तो टेबल पर रखी प्लेट में बिस्किट मिले, जिससे यह अंदाजा लगाया गया कि सुशीला देवी किचन में चाय बनाने गई थीं। तभी पीछे से आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।
स्थानीय प्रतिक्रिया और घटना के बाद का माहौल
घटना के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि घटना के समय सुशीला देवी अकेली थीं और परिवार के बाकी सदस्य बाहर गए हुए थे। घर से धुआं उठता देख कॉलोनी के लोगों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। जब फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई, तो देखा कि सुशीला देवी की लाश किचन में पड़ी हुई थी।
सुशीला देवी की बेटी अलका कुमारी ने बताया कि उन्हें फोन आया था कि घर में धुआं निकल रहा है, तुरंत आ जाइए।
गिरफ्तारी और सबूतों की बरामदगी
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू और लूटे गए जेवरात बरामद कर लिए हैं। इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस ने मामले को सुलझा लिया है।
निष्कर्ष
रामगढ़ में हुई इस जघन्य हत्या और लूट ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच की बदौलत अपराधियों को पकड़ लिया गया है। इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि किस तरह आर्थिक तंगी और लालच इंसान को अपराध की दुनिया में धकेल सकते हैं।
