कोविशील्ड वैक्सीन निर्माता AstraZeneca ने ब्रिटिश कोर्ट में साइड इफेक्ट पर क्या बातें स्वीकार की हैं? 7 points में समझें

कोविशील्ड वैक्सीन निर्माता AstraZeneca ने ब्रिटिश कोर्ट में साइड इफेक्ट पर क्या बातें स्वीकार की हैं? 7 points में समझें
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एस्ट्राजेनेका ने इस साल फरवरी महीने में यूके हाईकोर्ट के समक्ष वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के आरोपों को स्वीकार किया। हालांकि, साथ ही कंपनी ने वैक्सीन के पक्ष में अपने तर्क भी रखे। यह जानकारी मिली कि कंपनी इस वैक्सीन को दुनियाभर में “कोविशील्ड” और “वैक्सजेवरिया” नाम से बेचती है.

ब्रिटेन की फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) ने अपनी कोविड-19 वैक्सीन से संबंधित एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। पहली बार, कंपनी ने स्वीकार किया है कि इस वैक्सीन के प्रयोग से गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। उन्होंने यूके हाईकोर्ट में यह स्वीकृति दी कि उनकी वैक्सीन से थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (TTS) जैसे संभावित साइड इफेक्ट्स का सामना हो सकता है.

थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम से शरीर में खून के थक्के जमने (Blood Clot) लगते हैं या बॉडी में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगते हैं। बॉडी में ब्लड क्लॉट की वजह से ब्रेन स्ट्रोक या कार्डियक अरेस्ट की आशंकाएं बढ़ जाती हैं.

एस्ट्राजेनेका ने इस साल फरवरी महीने में यूके हाईकोर्ट के समक्ष वैक्सीन के साइड इफेक्टस के आरोपों को स्वीकार किया। लेकिन साथ में कंपनी ने वैक्सीन के पक्ष में अपने तर्क भी रखे। बता दें कि कंपनी इस वैक्सीन को दुनियाभर में कोविशील्ड और वैक्सजेवरिया नाम से बेचती है.

Company ने UK हाईकोर्ट के समक्ष क्या-क्या कहा

ब्रिटेन के जेमी स्कॉट नामक व्यक्ति ने एस्ट्राजेनेका कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। स्कॉट का दावा है कि उन्हें कंपनी की कोरोना वैक्सीन लेने के बाद थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम की समस्या हो गई है, जिसके कारण उन्हें ब्रेन डैमेज का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, दर्जनभर से ज्यादा लोगों ने कंपनी की वैक्सीन के खिलाफ कोर्ट में मुआवजे की मांग की है, क्योंकि उन्हें वैक्सीन लेने के बाद साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ा है। इस मामले में कई लोगों ने कोर्ट का रुख किया है, जिससे मुआवजे की मांग तेजी से बढ़ रही है.

ऐसे में एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट में वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स को लेकर क्या बातें कहीं? ये जान लेना बहुत जरूरी है:-

  1. एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट के समक्ष दायर लीगल डॉक्यूमेंट में बताया है कि उनके द्वारा यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के साथ मिलकर तैयार की गई कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इनमें थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम जैसे भी हो सकते हैं, लेकिन यह बहुत ही दुर्लभ हैं
  2. एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट को बताया कि लेकिन ये जान लेना भी जरूरी है कि कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाने की स्थिति में भी थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम हो सकता है. ऐसे में ये कहना कि वैक्सीन लगवाने के बाद लोग इस सिंड्रोम से जूझ रहे हैं, सही नहीं है.
  3. कंपनी ने बताया है कि कई स्वतंत्र स्टडीज में इस वैक्सीन को कोरोना से निपटने में बेहद कारगर माना गया है। इस विषय पर कंपनी ने कहा कि इन स्टडीज का महत्वपूर्ण माध्यम बनाने के लिए उन्हें समय-समय पर समीक्षा किया जाता रहेगा। इसके साथ ही, वे सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले इन स्टडीज को गौर से समझा जाए.
  4. कंपनी ने बताया कि उनके वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स बहुत ही अत्यधिक दुर्लभ हैं। उन्होंने कहा कि मरीज की सुरक्षा उनकी सर्वोपरि प्राथमिकता है और उनकी दवाएं उचित मानकों पर आधारित हैं। वे ने इसे भी बताया कि उन्होंने अपनी वैक्सीन सहित सभी दवाओं का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित किया है.
  5. कंपनी ने कोर्ट के समक्ष कहा कि एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल और दुनियाभर में इसकी स्वीकार्यता से पता चलता है कि बड़े पैमाने पर टीकाकरण प्रोग्राम से लाभ हुआ है, जो वैक्सीन के संभावित साइड इफेक्ट्स के जोखिम को कम करता है.
  6. कंपनी ने घोषणा की है कि वे कोविड-19 महामारी के समय वैक्सीन के माध्यम से दुनियाभर में लगभग 60 लाख लोगों की जिंदगियां बचा चुके हैं.
  7. एस्ट्राजेनेका का कहना है कि वैक्सीन लगने के बाद कई तरह की समस्याओं का दावा कर रहे लोगों की स्थिति से वे चिंतित हैं। लेकिन हम अभी भी अपने इस दावे पर कायम हैं कि इसके दुष्प्रभाव अति से अति दुर्लभ मामलों में ही सामने आ सकते हैं.

एस्ट्राजेनेका ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के साथ मिलकर भारत के पुणे में कोविशील्ड को तैयार किया था। कोरोना के बाद से ही देशभर में अचानक से लोगों के दम तोड़ देने की घटनाएं आम होने लगी हैं। ऐसे में कोरोना वैक्सीन को संदेह की नजरों से देखा जाने लगा। लेकिन अब एस्ट्राजेनेका के इस कबूलनामे के बाद कोर्ट में आगे की कार्यवाही क्या मोड़ लेगी, इस पर सभी की नजरें होगी.

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