कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में जनसभा को संबोधित करते हुए, कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी ने एक तेज और आकर्षक भाषण दिया. उन्होंने कहा, “एक समय था जब कोई नेता खड़ा होता था और देश के लोग उससे एक नैतिक व्यक्ति होने की उम्मीद करते थे. लेकिन आजकल, लोगों को नेताओं में भरोसा नहीं है, क्योंकि वे सिर्फ अपने ही लाभ की सोचते हैं.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उनके नैतिक मूल्यों पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के सबसे बड़े नेता ने नैतिकता को छोड़ दिया है, लोगों के सामने नाटक करते हैं और सच्चाई के रास्ते पर नहीं चलते हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए, उनके बैंक खातों को जब्त किया जा रहा है और दो मुख्यमंत्रियों को जेल में डालकर उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है. प्रियंका ने आलोचना की और कहा कि आपको ‘सुपरमैन’ के रूप में दिखाया गया, लेकिन वास्तविकता में आपको ‘मेहंगाईमैन’ ही मिला। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले 10 वर्षों में आपके लिए कोई काम नहीं किया
कांग्रेस के महासचिव ने आज एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि “पिछले 2 दिनों में एक नया तेवर देखा जा रहा है, जिससे साफ होता है कि कांग्रेस के कुछ लोग लोगों के मंगलसूत्र और सोना छीनना चाहते हैं. ये देश 70 सालों से स्वतंत्र है, जबकि कांग्रेस की सरकार 55 सालों तक चली। क्या इस अवधि में किसी ने इस देश की समृद्धि और विकास के लिए आपका सोना छीना? क्या किसी ने आपके मंगलसूत्र को छीना? जब देश में जंग हुई थी तब इंदिरा गांधी ने अपना सोना देश को दिया था और मेरी मां का मंगलसूत्र (राजीव गांधी) इस देश को कुर्बान हुआ है.
उन्होंने कहा, ‘यदि मोदी जी समझते कि ‘मंगलसूत्र’ का महत्व क्या है, तो वे ऐसी बातें नहीं कहते. जब नोटबंदी हुई तो उन्होंने महिलाओं की बचत को छीन लिया.
किसानों के प्रदर्शनों के दौरान हाल ही में 600 से अधिक किसानों की जान चली गई है। इस भारी क्षति ने देशवासियों को गहरे दुःख में डाल दिया है। इस महापरिस्थिति में एक प्रश्न उठता है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन विधवाओं के ‘मंगलसूत्र’ के बारे में सोचा है? मणिपुर में एक महिला को नग्न कर घुमाने के घटनाक्रम के बाद, समाज में तीव्र आलोचना का सामना किया गया है। इस घटना के बाद, कई लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी चुप्पी पर सवाल उठाए हैं. क्या उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को अपने ‘मंगलसूत्र’ के दृष्टिकोण से देखा? आज उन्होंने महिलाओं को वोट देने के बारे में ऐसी बातें कहीं हैं जिससे उन्हें डराया जा रहा है, ताकि वे भयभीत होकर वोट करें.
प्रियंका ने अपने भारतीय राजनीतिक अनुभव के माध्यम से यह प्रतिपादन किया है कि सच्चाई के मार्ग पर चलना और समाज की सेवा करना हमारी हिंदू परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. पिछले सभी प्रधानमंत्रियों ने अपनी राजनैतिक पार्टियों के साथ गहरे जुड़े होने के बावजूद, देश के लोगों के हित में समर्पित काम किया है। इसके बावजूद, आज भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर झूठे वादों के मामले है. कोई भी बयानबाजी करने का जज्बा नहीं दिखाता है उसके खिलाफ जिसने सरकारों को गिराने के लिए लोकतंत्र के सभी मूल्यों को धरती पर लात मार दी है.
भाजपा ने दस वर्षों में भारत को भ्रमित किया
कांग्रेस नेता ने चुनावी बॉन्ड योजना को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि जिन कंपनियों पर छापे मारे गए हैं, उन्होंने बीजेपी को चंदा दिया है और फिर उनके खिलाफ मामले बंद करवाए गए हैं. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि नोटबंदी के जरिए काले धन को सफेद किया गया और फिर इसे बीजेपी के खाते में जमा किया गया, इस बारे में स्पष्टता प्राप्त हो गई है. वह कंपनियाँ जो पहले 100 करोड़ रुपये कमाने में असमर्थ थीं, उन्होंने अचानक भाजपा को (चुनावी बांड योजना के अंतर्गत) 1,100 करोड़ रुपये का योगदान कैसे दिया, यह विचार करने वाली बात है. विपक्ष को भ्रष्ट कहकर निशाना बनाया जाता है लेकिन वास्तविकता यह है कि भाजपा भ्रष्ट है और उसने पिछले 10 वर्षों में देश को गुमराह किया है.
मोदी इतने बड़े नेता हैं तो
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कभी रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दों पर खुलकर बात नहीं की है, लेकिन वे केवल भड़काऊ और ध्यान भटकाने वाले विषय पर बोलते हैं. लोग कहते हैं कि मोदी दुनिया के सबसे बड़े नेता हैं. इतने दबदबे, गर्व, प्रसिद्धि और अहंकार के साथ, यह कहा जाता है कि मोदी दुनिया में चल रहे युद्धों को चुटकियों से रोक सकते हैं. मैं आपसे यह पूछना चाहता हूं कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने बड़े नेता हैं कि उनका दबदबा इतना है कि कोई भी उनसे सवाल पूछने का साहस नहीं कर सकता. उनकी क्यों नहीं हो पा रही है, वह आपके लिए रोजगार पैदा करने में, और महंगाई कम करने में? युवाओं के लिए कोई नई योजना क्यों नहीं लाई गई और आपके परिवारों में विकास क्यों नहीं हुआ?
