एक्सीडेंट, मौत और अवैध संबंध… राज मिस्त्री के प्यार में पागल करोड़पति महिला ने रची खूनी साजिश, ऐसे खुला राज

rajesh murder case
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शैलेंद्र सोनकर रोज़ घर में आता-जाता था, और इस समय उसकी मुलाकात टीचर राजेश की पत्नी पिंकी से हुई। पिंकी, जो पोस्ट ग्रेजुएट और बीएड पास है, उस समय बहुत ही खूबसूरत थी। इस वजह से, शैलेंद्र उस पर आकर्षित हो गया। इसके साथ ही, पिंकी भी अपने आप पर नियंत्रण बनाए रखने में असमर्थ रही और शैलेंद्र की मायावी योजनाओं में उलझी रही।

यूपी के कानपुर से एक अवैध संबंध में कत्ल और इसके पीछे की ऐसी साजिश का खुलासा हो गया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. वहां एक करोड़पति शिक्षक की धनी पत्नी ने एक राज मिस्त्री के प्रेम में पूरी तरह से पागल होकर ऐसी साजिश बुनी कि पुलिस भी चौंक गई. उसने खुद अपने पति को हत्या करने के लिए एक पूर्णप्रूफ प्लान बनाया और उसे अमील जामा पहनाया. यह मामला एक एक्सीडेंट के रूप में सामान्यता से समाप्त हो गया, लेकिन मृत शिक्षक के परिवार के लोगों का संदेह इस मामले के खुलने का कारण बन गया।

यह पूरी कहानी किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। वास्तव में, इस कहानी का आरंभ एक साल पहले हुआ था, जब कानपुर के करोड़पति शिक्षक राजेश गौतम ने अपने नए मकान की नींव रखने का कार्य राजमिस्त्री शैलेंद्र सोनकर को सौंपा था। मकान का निर्माण प्रक्रिया जारी थी, और शैलेंद्र रोज़ उस जगह आता-जाता था। उस दौरान ही उसकी मुलाकात टीचर राजेश की पत्नी पिंकी से हुई। पिंकी एक पोस्ट ग्रेजुएट और बी.एड होने के साथ-साथ बहुत ही आकर्षक भी थीं। इसके कारण, शैलेंद्र उन पर आकर्षित हो गए।

उसी समय, पिंकी ने भी खुद पर नियंत्रण बनाए रखने में असमर्थ होते हुए शैलेंद्र के चरित्र में फंसी रही। इसके परिणामस्वरूप, शैलेंद्र ने उसके साथ घर में गुलछर्रे उड़ाना शुरू कर दिया। उनके बीच में संबंध बढ़ते चले गए, और कुछ महीनों तक यह सब चुपचाप चलता रहा। हालांकि, एक दिन राजेश ने इस अवैध संबंध की जानकारी हासिल की, जिसके बाद उनके और पिंकी के बीच में विवाद उत्पन्न हुआ।

राजेश ने इसके बाद अपने घर में शैलेंद्र की प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। इससे पिंकी को बहुत ही परेशानी हो रही थी, क्योंकि वह अब शैलेंद्र के प्यार में पूरी तरह से विस्मृत हो गई थी। इस परिस्थिति में, पिंकी ने अपने प्रेमी शैलेन्द्र सोनकर के साथ मिलकर एक योजना बनाई। उन्होंने अपने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई, जानते हुए कि उनके धनवान पति का २.५ करोड़ का बीमा है। अगर उसकी मौत हो जाती, तो यह राशि उसे मिलती और साथ ही कई करोड़ की संपत्ति भी।

इस योजना को बड़ी ध्यानपूर्वक बनाया गया था, इसलिए शैलेंद्र सोनकर ने अपने चचेरे भाई विकास सोनकर को भी इसमें शामिल कर लिया। इसके बाद, उन्होंने ड्राइवर सुमित कठेरिया को भी इस साजिश में शामिल किया। असलीत में, शैलेंद्र ने विकास सोनकर और सुनील कठेरिया को चार लाख रुपये की सुपारी दी थी।

एडीसीपी अंकित शर्मा ने बताया कि टीचर राजेश रोज़ सुबह वॉक पर जाने का आदी थे, इसलिए आरोपियों ने इसी समय उन्हें हमला करने का प्लान बनाया। इस साजिश के अनुसार, टीचर राजेश को एक्सीडेंट का दिखावा करके उसे समाप्त कर देना था, ताकि यह किसी को भी हत्या का नहीं, बल्कि एक्सीडेंट का रूप ले। प्लान के अनुसार, एक्सीडेंट करने का निर्णय 4 नवंबर को लिया गया था।

उस दिन, टीचर राजेश ने सामान्य रूप से वॉक के लिए निकला। शैलेंद्र, विकास, और सुमित पूरी तैयारी में थे। शैलेंद्र और सुमित एक कार में बैठे थे, जबकि विकास ने किसी की वैगन आर कार लाकर रख ली थी। राजेश सुबह 5:30 बजे के करीब सेनपारा इलाके में पहुंचे, जब वे स्वर्ण जयंती विहार के सड़कों पर टहल रहे थे। उसी समय, सुमित और शैलेंद्र ने राजेश को इको कार से कुचल डाला और उसकी हत्या कर दी।

फिर उसी समय, उनकी कार सामने वाले बिजली के पोल से टकरा गई। इस हादसे के बाद, लोग वहां इकट्ठा होने लगे। सुमित और शैलेंद्र ने पीछे से आ रही विकास की कार को फोन करके बुलाया और चुपचाप उसमें बैठकर वहां से बच निकले।

पुलिस ने शुरुआत में इस घटना को एक्सीडेंट माना था, क्योंकि सुबह के समय ऐसे एक्सीडेंट्स काफी आम होते हैं जब लोग टहलने निकलते हैं। हालांकि, इस दौरान राजेश के भाई ब्रह्म दत्त ने पुलिस के सामने शक जताया कि उनके भाई की हत्या की गई है, क्योंकि राजेश ने कुछ दिनों पहले अपने परिवार को बताया था कि उन्हें किसी ने पीछा किया है और उनकी हत्या हो सकती है।

भाई की शिकायत के बाद, आखिरकार 10 दिनों बाद पुलिस ने मौका-ए-वारदात के आस-पास के इलाके में स्थित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। पुलिस ने एक कैमरे की फुटेज में देखा कि एक गाड़ी से एक्सीडेंट हुआ था और उसी गाड़ी से एक्सीडेंट करने वाले भागे थे। दोनों गाड़ियाँ पहले एक साथ खड़ी थीं और फिर एक साथ ही दौड़ी गईं। इससे स्पष्ट हुआ कि राजेश की मौत एक्सीडेंट नहीं बल्कि हत्या भी हो सकती है।

तब पुलिस ने हत्या की एफआईआर दर्ज की, और मर्डर के एंगल से छानबीन का आगाज़ हुआ। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि राजेश का कुछ दिनों से अपनी पत्नी पिंकी के साथ अक्सर विवाद होता था। जांच के दौरान पुलिस ने एक्सीडेंट करने वाली गाड़ी का पता लगाया, जिसमें देखा गया कि उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। इससे स्पष्ट हुआ कि राजेश की हत्या ही की गई है। अब पुलिस ने राजेश की पत्नी पिंकी के मोबाइल नंबर को जांचा।

पुलिस को पता चला जिस दौरान राजेश का एक्सीडेंट हुआ था, उस दौरान एक नंबर से उनका फोन आया था और जिस नंबर से फोन आया था, उसकी लोकेशन एक्सीडेंट वाली जगह पर ही थी। पुलिस ने उस नंबर का पता किया तो मालूम हुआ कि वह नंबर शैलेंद्र सोनकर नाम के आदमी का है। इसके साथ-साथ शैलेंद्र की अक्सर पिंकी से बातचीत भी सीडीआर में पाई गई। इसके बाद पुलिस ने चुपचाप शैलेंद्र को पकड़ कर पूछताछ शुरू की।

उधर, पिंकी ने अपने घर में कोई पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। 10 दिनों बाद जब पिंकी ठीक होकर घर आई, तो थानेदार पवन कुमार और एसीपी अशोक शुक्ला की टीम ने शैलेंद्र और पिंकी से एक साथ पूछताछ शुरू की। यही वह वक्त था, जब राजेश की हत्या का राज खुलने में देर नहीं लगी।

पुलिस के मुताबिक, पिंकी को लगता था कि राजेश को उसके और शैलेंद्र के संबंध के बारे में पता चल गया है, इसलिए उसे रास्ते से हटा देना ही ठीक है। राजेश की एक करोड़ और 50 लाख की दो पॉलिसी थी। पिंकी और शैलेंद्र का प्लान था कि राजेश की हत्या को एक्सीडेंट दिखाकर डेढ़ करोड़ की पॉलिसी का पैसा ले लेंगे। उसके साथ ही राजेश के पास 45 करोड़ की जमीन भी थी, जिसकी वारिस पिंकी बन जाती। इसके बाद उन दोनों का प्लान शादी करके साथ रहने का था।

इस दौरान अपने प्रेमी की चाहत में पिंकी ने अपने दो मासूम बच्चों का भी ख्याल नहीं किया, जो दोनों राजेश और उसकी संतान थे। इस मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कातिल पत्नी पिंकी और उसके प्रेमी शैलेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। फिर उनकी निशानदेही पर शैलेंद्र के चचेरे भाई विकास को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि कार से एक्सीडेंट करने वाला सुमित अभी तक फरार है, उसकी तलाश कर रही है।

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