नहर में मिले गोवंश के अवशेषों ने इंद्री क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया। गुस्साए लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए करनाल–यमुनानगर स्टेट हाईवे जाम कर दिया। आखिर क्यों बार-बार सामने आ रही हैं ऐसी घटनाएं और प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
हरियाणा के करनाल जिले के इंद्री क्षेत्र में पश्चिमी यमुना नहर में गोवंश के अवशेष मिलने से इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग, गोरक्षा दल के सदस्य और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और लोगों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
लोगों का कहना था कि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इसी नाराजगी के चलते प्रदर्शनकारियों ने इंद्री के पास करनाल–यमुनानगर स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। अचानक लगे जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
मौके पर जुटी भीड़, बढ़ता गया आक्रोश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह के समय कुछ लोगों ने नहर में गोवंश के अवशेष पड़े हुए देखे। इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी गई। थोड़ी ही देर में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग नहर किनारे पहुंच गए।
घटना को लेकर लोगों में गहरा रोष था। कई सामाजिक संगठनों और गोरक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यदि समय रहते निगरानी और सख्त कार्रवाई की जाती, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।
लोगों का आरोप था कि क्षेत्र में पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन हर बार मामले की जांच का आश्वासन देकर बात को ठंडा कर दिया जाता है। इसी कारण इस बार लोगों का गुस्सा ज्यादा दिखाई दिया।
स्टेट हाईवे पर जाम, वाहनों की लगी कतारें
आक्रोशित लोगों ने विरोध जताने के लिए करनाल–यमुनानगर स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। जाम लगने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई किलोमीटर तक ट्रैफिक रुक गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उनका कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि क्षेत्र में रात के समय नहर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी जाती हैं, लेकिन इसके बावजूद निगरानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। इंद्री के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके अलावा सीआईए-3 की टीम भी जांच के लिए मौके पर बुलाई गई।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें शांत रहने की अपील की। हालांकि शुरुआत में लोग अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और जाम हटाने से इनकार कर दिया।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसके बावजूद कुछ समय तक प्रदर्शन जारी रहा।
एसडीएम अनिल यादव ने संभाली स्थिति
स्थिति को गंभीर होते देख प्रशासनिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ाई गई। कुछ ही समय बाद इंद्री के एसडीएम अनिल यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना।
एसडीएम ने लोगों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नहर क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाएगी।
एसडीएम के आश्वासन के बाद धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने जाम खोलने का निर्णय लिया। इसके बाद पुलिस ने यातायात को सुचारु रूप से चालू करवाया।
धीरे-धीरे सामान्य हुआ यातायात
जाम हटने के बाद पुलिस ने सड़क पर खड़े वाहनों को क्रमवार आगे बढ़ाना शुरू किया। कुछ ही समय में यातायात सामान्य हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली।
हालांकि इस घटना ने क्षेत्र में एक बार फिर सुरक्षा और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस बार भी सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में विरोध और तेज हो सकता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
स्थानीय निवासियों के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब नहर में गोवंश के अवशेष मिले हों। इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
लोगों का कहना है कि बार-बार ऐसी घटनाओं के सामने आने से इलाके में असंतोष बढ़ता जा रहा है। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है। नहर के आसपास के क्षेत्रों में जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गोवंश के अवशेष नहर में किसने और कब फेंके।
प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील
घटना के बाद प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने लोगों से शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और यदि किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
