पीएनजी गैस कोटा घटा: अब उद्योगों को मिलेगा सिर्फ 55% गैस, करनाल में बड़ा असर

पीएनजी गैस कोटा घटा: अब उद्योगों को मिलेगा सिर्फ 55% गैस, करनाल में बड़ा असर
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एलपीजी के बाद अब पीएनजी पर भी असर… क्या उद्योगों की रफ्तार थमेगी? जानिए करनाल में गैस कटौती का पूरा सच और आम लोगों पर इसका क्या होगा असर।

करनाल। पीएनजी गैस कोटा घटा दिए जाने के बाद करनाल में औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के नए निर्देशों के अनुसार अब बड़े वाणिज्यिक और औद्योगिक कनेक्शनों को उनकी दैनिक खपत के आधार पर केवल 55 प्रतिशत गैस ही उपलब्ध कराई जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब हाल ही में एलपीजी संकट के कारण गैस आपूर्ति पहले से ही चर्चा में रही है।

लगातार घट रहा कोटा, उद्योगों में चिंता

आईजीएल द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक, लगभग 25 दिन पहले एलपीजी संकट के बाद पीएनजी आपूर्ति को 80 प्रतिशत तक सीमित किया गया था। इसके बाद इसे घटाकर 65 प्रतिशत किया गया और अब नया आदेश लागू करते हुए इसे 55 प्रतिशत तक कर दिया गया है।

इस लगातार घटते कोटे ने उद्योग जगत में चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर उन उद्योगों के लिए जो पूरी तरह गैस आधारित उत्पादन पर निर्भर हैं, उनके सामने उत्पादन लागत और सप्लाई चेन प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है।

किन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर?

जिले में आईजीएल के कुल 107 वाणिज्यिक और औद्योगिक कनेक्शन हैं, जिनमें से लगभग 30 बड़े उद्योग शामिल हैं। इनमें कृषि यंत्र निर्माण, रोलिंग मिल, होटल उद्योग और अन्य उत्पादन इकाइयां शामिल हैं।

इन उद्योगों को अब सीमित गैस आपूर्ति के साथ काम करना होगा, जिससे उत्पादन में कमी, लागत में वृद्धि और संभावित रूप से रोजगार पर भी असर पड़ सकता है।

क्या कह रहे हैं अधिकारी?

आईजीएल के वरिष्ठ प्रबंधक शिवम गुप्ता ने स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे प्रतिष्ठानों को गैस आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर जारी रहेगी और इसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा, “मुख्यालय से जारी अधिसूचना के अनुसार पिछले छह महीनों की औसत खपत के आधार पर बड़े कनेक्शनों की गैस आपूर्ति में 45 प्रतिशत तक कटौती की गई है। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।”

घरेलू कनेक्शनों की मांग में उछाल

एलपीजी संकट के बाद करनाल में पीएनजी कनेक्शन लेने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी गई है। पिछले 20 दिनों में करीब 350 से 400 नए घरेलू कनेक्शन लगाए गए हैं।

यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि लोग अब पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर के बजाय पाइप्ड गैस को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प मान रहे हैं।

क्यों बढ़ रही है पीएनजी की मांग?

पीएनजी को लेकर लोगों में बढ़ती रुचि के पीछे कई कारण हैं—

  • 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति
  • एलपीजी के मुकाबले सस्ती दर
  • सुरक्षा के लिहाज से बेहतर
  • मीटर आधारित बिलिंग (जितना इस्तेमाल, उतना भुगतान)

वर्तमान में एलपीजी की कीमत 64.96 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि पीएनजी की दर 45.40 रुपये प्रति एससीएम है, जो लगभग 15 प्रतिशत तक सस्ती है।

सुरक्षा और सुविधा का बेहतर विकल्प

पीएनजी हल्की गैस होती है, जो रिसाव की स्थिति में तेजी से हवा में फैल जाती है। इससे आग लगने का खतरा काफी कम हो जाता है। यही कारण है कि शहरी क्षेत्रों में इसे ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

इसके अलावा, पाइपलाइन के माध्यम से गैस मिलने के कारण सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी की झंझट भी खत्म हो जाती है।

उपायुक्त की अपील

करनाल के उपायुक्त उत्तम सिंह ने लोगों से अपील की है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, वहां जल्द से जल्द घरेलू कनेक्शन ले लें।

उन्होंने बताया कि इच्छुक उपभोक्ता www.iglonline.net पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या आईजीएल के ग्राहक सेवा नंबर 8448184015 और 9773980554 पर संपर्क कर सकते हैं।

किन क्षेत्रों में उपलब्ध है पीएनजी?

करनाल के कई प्रमुख इलाकों में पीएनजी पाइपलाइन पहले से बिछाई जा चुकी है। इनमें शामिल हैं—

  • सेक्टर 4 से 9
  • सेक्टर 12, 13, 14 (भाग-1)
  • सेक्टर 16, 32, 35, 36, 45
  • एलआईसी कॉलोनी, मॉडल टाउन, न्यू डीसी कॉलोनी
  • निर्मल विहार, नरसी विलेज (भाग-1 और 2)
  • पालम कॉलोनी, अशोका नर्सरी
  • कर्ण विहार, रणजीत एन्क्लेव
  • शक्तिपुरम (भाग-1 और 2), प्रेम नगर, राम नगर, वसंत विहार

इन क्षेत्रों में हाल ही में नए कनेक्शन लिए गए हैं।

क्या होगा आगे का असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गैस आपूर्ति में यह कटौती लंबे समय तक जारी रहती है, तो इसका असर उद्योगों की उत्पादन क्षमता और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

हालांकि, सरकार और गैस कंपनियां घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देकर सामाजिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।

निष्कर्ष

करनाल में पीएनजी गैस कोटा घटाने का फैसला एक तरफ जहां उद्योगों के लिए चुनौती बनकर उभरा है, वहीं दूसरी ओर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह एक राहत भरी खबर है कि उनकी आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और गैस कंपनियां इस स्थिति को कैसे संतुलित करती हैं और क्या उद्योगों को राहत देने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है।

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