करनाल में नगर निगम का एक्शन मोड | किराया जमा नहीं करवाने वाले 18 किराएदारों की दुकानें होंगी सील

करनाल में नगर निगम का एक्शन मोड | किराया जमा नहीं करवाने वाले 18 किराएदारों की दुकानें होंगी सील
Spread the love

नोटिस पर नोटिस… फिर भी नहीं भरा किराया, अब नगर निगम ने उठाया सबसे बड़ा कदम—18 दुकानों पर ताला तय!

किराया जमा नहीं करवाने वाले 18 किराएदारों की दुकानें होंगी सील, नगर निगम ने कसी कमर

करनाल में नगर निगम की सख्ती, 24.31 लाख रुपये के बकाए पर कार्रवाई तय

करनाल। किराया जमा नहीं करवाने वाले 18 किराएदारों की दुकानें होंगी सील—यह अब केवल चेतावनी नहीं, बल्कि अमल में लाई जाने वाली कार्रवाई बन चुकी है। करनाल नगर निगम ने अपनी संपत्तियों से जुड़े लंबे समय से लंबित किराया विवादों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन किराएदारों के खिलाफ सीलिंग की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिन्होंने बार-बार नोटिस के बावजूद किराया जमा नहीं कराया। निगम की तैयार सूची के अनुसार, इन 18 दुकानों पर कुल 24 लाख 31 हजार 402 रुपये का किराया बकाया है।

नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा के निर्देश पर प्रवर्तन दल को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि अंतिम नोटिस की अवधि समाप्त होते ही दुकानों को सील कर नगर निगम के कब्जे में लिया जाए। यह कार्रवाई हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के तहत की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम न केवल बकायेदारों के लिए चेतावनी है, बल्कि उन ईमानदार किराएदारों के लिए भी संदेश है जो समय पर किराया जमा करते हैं।

क्यों जरूरी हुई सख्ती?

करनाल नगर निगम की आय का एक बड़ा हिस्सा उसकी व्यावसायिक संपत्तियों—दुकानों, मार्केट्स और बूथों—से मिलने वाले किराए से आता है। यही आय शहर की साफ-सफाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाओं पर खर्च होती है। लेकिन जब कुछ किराएदार वर्षों तक किराया नहीं देते, तो इसका सीधा असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ता है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में किराएदारों ने किराया बढ़ोतरी, व्यापार मंदी या प्रशासनिक देरी का हवाला दिया, लेकिन नियमानुसार उन्हें समय पर भुगतान करना अनिवार्य था। अंतिम नोटिस के बाद भी भुगतान न होने पर अब निगम के पास सीलिंग के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

70 लाख रुपये बकाया वसूली: सख्ती का असर दिखा

नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में निगम ने सख्ती के चलते 70 लाख रुपये से अधिक की बकाया राशि वसूल की है। यह राशि उन किराएदारों से आई जिन्होंने नोटिस मिलने के बाद समय रहते भुगतान कर दिया।

उन्होंने कहा,

“नगर निगम की संपत्तियां जनता की हैं। इनसे मिलने वाला राजस्व सीधे शहर की सुविधाओं में लगता है। जो किराएदार नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है।”

अंतिम चेतावनी: अब भी मौका है

नगर निगम ने एक बार फिर सभी डिफॉल्टर किराएदारों से अपील की है कि वे तुरंत बकाया किराया जमा कराएं। यदि निर्धारित समय सीमा में भुगतान हो जाता है तो सीलिंग की कार्रवाई रोकी जा सकती है। लेकिन तय तारीख के बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी

प्रवर्तन दल ने स्पष्ट किया है कि सीलिंग के बाद दुकान खोलने, माल निकालने या दोबारा कब्जा पाने के लिए किराएदार को पूरी बकाया राशि, जुर्माना और कानूनी शुल्क चुकाना होगा।

इन 18 दुकानदारों पर है बकाया किराया (पूरी सूची)

दुकान नंबर / मार्केटकिराएदार का नामबकाया राशि
दुकान-8, राम नगरमनोज कुमार₹3,15,075
दुकान-3, मेरठ रोडबालकिशन₹1,35,160
दुकान-7, मेरठ रोडअमित₹1,33,567
दुकान-8, मेरठ रोडराजीव पासी₹1,24,995
दुकान-5, प्रेम नगरराकेश कुमार₹47,324
दुकान-9, बांसो गेटभारत भूषण₹52,271
दुकान-12, बांसो गेटआनंद स्वरूप₹62,022
दुकान-4, नेहरू पैलेससुरजीत₹59,240
दुकान-20, नेहरू पैलेससीमा₹30,492
दुकान-1, डॉ. ज्ञान भूषण मार्केटप्रवीन सिंह₹1,30,743
दुकान-15, कर्ण पार्क मार्केटसुरिन्द्र₹52,199
दुकान-35, कर्ण पार्क मार्केटगुलजार सिंह₹46,634
कलंदरी गेट मार्केटओम प्रकाश₹1,14,988
दुकान-1, जुंडला गेट मार्केटसुमन खुराना₹30,126
दुकान-7, कर्ण ताल मार्केटअशिमा₹6,79,500
दुकान-5, गांव कम्बोपुराकृष्ण₹3,39,413
दुकान-13, गांव कम्बोपुराराम कुमार₹37,693
दुकान-1, विटा बूथ, कर्ण पार्कममता भारद्वाज₹39,960

नोट: सबसे अधिक बकाया राशि कर्ण ताल मार्केट की दुकान संख्या 7 पर है, जहां 6.79 लाख रुपये से ज्यादा का किराया लंबित है।

विश्लेषण: सख्ती से बनेगा सिस्टम, ईमानदार को मिलेगा फायदा

नगर निगम की यह कार्रवाई केवल वसूली तक सीमित नहीं है। यह एक सिस्टम रिफॉर्म का संकेत है। वर्षों से देखा गया है कि कुछ लोग सरकारी संपत्ति का उपयोग तो करते हैं, लेकिन भुगतान में टालमटोल करते हैं। जब सख्ती होती है, तभी व्यवस्था सुधरती है।

ईमानदार किराएदारों का कहना है कि

“जो समय पर किराया देते हैं, उनके लिए यह अच्छी पहल है। इससे बराबरी का माहौल बनेगा।”

निष्कर्ष

करनाल नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अब किराया बकाया रखना आसान नहीं होगा। 18 दुकानों की संभावित सीलिंग से न केवल बकायेदारों में हड़कंप है, बल्कि अन्य किराएदारों को भी समय पर भुगतान का संदेश मिला है। आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और तेज हो सकती है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *