जम्मू रीजन से आतंकियों के सफाये पर बिग प्लान… अमित शाह करेंगे हाई लेवल मीटिंग, NSA डोभाल और RAW चीफ भी होंगे शामिल

जम्मू रीजन से आतंकियों के सफाये पर बिग प्लान… अमित शाह करेंगे हाई लेवल मीटिंग, NSA डोभाल और RAW चीफ भी होंगे शामिल
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गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गृह मंत्रालय में अहम बैठक

गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज गृह मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री को वर्तमान खुफिया रिपोर्ट की जानकारी IB और RAW के चीफ देंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जम्मू रीजन में हाल के दिनों में बढ़ी आतंकी गतिविधियों और अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर चर्चा करना है।

बैठक का समय और स्थान

सुबह 11 बजे नार्थ ब्लॉक में होने वाली इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, NSA अजीत डोभाल, गृह सचिव, IB चीफ़, RAW चीफ, NIA के DG, सभी अर्द्धसैनिक बलों के डीजी, आर्मी और एयरफोर्स के बड़े अधिकारी सहित गृह मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

आतंक के सफाये का बनेगा प्लान

बैठक में IB और RAW के चीफ गृह मंत्री को वर्तमान खुफिया रिपोर्ट की जानकारी देंगे। इसके अलावा, पिछले कुछ दिनों में जम्मू रीजन में बढ़ी आतंकी घटनाओं पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, जम्मू रीजन से आतंक को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए एक इंटीग्रेटेड प्लान तैयार किया जा सकता है।

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा

सूत्रों ने बताया कि अमरनाथ यात्रा की कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बैठक में आवश्यक ट्रुप्स और साजो सामान की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, अमरनाथ यात्रा रूट पर कोई दिक्कत न हो, इसके लिए AI बेस्ड निगरानी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जाएगी।

पिछली बैठक का निष्कर्ष

शुक्रवार को भी गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में गृह मंत्रालय के कई अधिकारियों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के DGP, CRPF के आला अधिकारी और इंटेलिजेंस ग्रेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया था। गृह मंत्री ने सभी अधिकारियों से सुरक्षा के इंतजाम को लेकर सवाल किए और फीडबैक लिया।

गृह मंत्री अमित शाह से प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत

बताया जा रहा है कि इस बैठक से पहले जम्मू हमले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से प्रधानमंत्री मोदी ने भी बात की थी। जिसके बाद से गृह मंत्री अमित शाह लगातार वहां की सुरक्षा को लेकर आला अधिकारियों के संपर्क में हैं।

आतंकी घटनाओं की बढ़ती संख्या

जम्मू-कश्मीर में बीते दिनों आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में 4 दिन में 4 हमले किए हैं। आतंकियों ने रियासी, कठुआ और डोडा में हमला किया था। वे इलाके की शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इसके जवाब में सुरक्षाबलों ने कठुआ में 2 आतंकियों को मार गिराया। बाकी आतंकियों की तलाश जारी है।

रियासी हमले का विवरण

सबसे पहले नौ जून को जम्मू कश्मीर के रियासी में आतंकियों ने तीर्थयात्रियों की बस पर हमला किया था। यह हमला नौ जून की शाम तकरीबन 6:15 बजे के आसपास हुआ था। आतंकियों ने बस पर फायरिंग की थी, जिसके बाद बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी थी। बस पर हमला करने वाले आतंकी पहाड़ी इलाके में छुपे हुए थे।

बैठक का महत्त्व

गृह मंत्रालय में होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को बनाए रखना है। पिछले कुछ दिनों में आतंकियों द्वारा किए गए हमलों ने सुरक्षा बलों और सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती पेश की है। इस बैठक में किए गए निर्णय और तैयार की गई योजनाएं भविष्य में आतंकवादी गतिविधियों को रोकने और सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

खुफिया जानकारी की भूमिका

इस बैठक में खुफिया जानकारी की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण होगी। IB और RAW के चीफ गृह मंत्री को विस्तृत जानकारी देंगे, जिससे वर्तमान स्थिति का सही मूल्यांकन किया जा सकेगा। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट्स पर आधारित निर्णय सुरक्षा को और भी अधिक प्रभावी बनाएंगे।

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियां

अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है। यात्रा के रूट पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए AI बेस्ड निगरानी, अतिरिक्त ट्रुप्स की तैनाती और साजो सामान की समीक्षा जैसी तैयारी की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि यात्रा के दौरान कोई भी अप्रिय घटना न हो और श्रद्धालु सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।

गृह मंत्री की सख्त हिदायतें

गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। उन्होंने सुरक्षा बलों और एजेंसियों को सख्त हिदायतें दी हैं कि वे किसी भी तरह की ढिलाई न बरतें और आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। गृह मंत्री का यह सख्त रवैया आतंकवाद के खिलाफ सरकार की मजबूत नीति को दर्शाता है।

जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर पैनी नजर

गृह मंत्री और प्रधानमंत्री दोनों ही जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं। हाल के आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। सरकार आतंकियों के सफाये के लिए हर संभव कदम उठा रही है और इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया है।

इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद सरकार द्वारा लिए गए निर्णय और तैयार की गई योजनाएं जल्द ही सामने आएंगी। सरकार की कोशिश है कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को बहाल किया जा सके और आतंकियों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके। इस बैठक से जम्मू-कश्मीर के लोगों को सुरक्षा का विश्वास मिलेगा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक नई दिशा मिलेगी।

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