रेलवे रनिंग रूम गैस संकट: कर्मचारियों के भोजन पर संकट, रेलवे ने IOCL को लिखा पत्र

रेलवे रनिंग रूम गैस संकट: कर्मचारियों के भोजन पर संकट, रेलवे ने IOCL को लिखा पत्र
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अगर जल्द गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हुई तो रेलवे के लोको पायलट और गार्ड जैसे रनिंग स्टाफ को भोजन की सुविधा के लिए भी जूझना पड़ सकता है।

रेलवे के रनिंग रूम में गैस संकट, आईओसीएल को लिखा पत्र

करनाल। रेलवे रनिंग रूम गैस संकट अब उत्तर भारत के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों में चिंता का विषय बनता जा रहा है। गैस सिलिंडरों की आपूर्ति में आई कमी का असर सीधे रेलवे कर्मचारियों की दैनिक सुविधाओं पर पड़ने लगा है। स्थिति को गंभीर मानते हुए रेलवे प्रशासन ने Indian Oil Corporation Limited को पत्र लिखकर जल्द गैस सिलिंडर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में रनिंग रूम में गैस सिलिंडरों का सीमित स्टॉक ही बचा हुआ है और पिछले कुछ समय से नई सप्लाई नहीं पहुंच रही है। यही कारण है कि रेलवे प्रशासन को आशंका है कि यदि जल्द आपूर्ति नहीं हुई तो कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो सकता है।

रेलवे के रनिंग रूम उन स्थानों को कहा जाता है जहां ट्रेन संचालन से जुड़े कर्मचारी जैसे लोको पायलट, गार्ड और अन्य रनिंग स्टाफ अपनी ड्यूटी के बीच आराम करते हैं और भोजन करते हैं। ऐसे में गैस की कमी सीधे तौर पर उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है।

रेलवे प्रशासन ने लिखा आधिकारिक पत्र

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए Northern Railway के दिल्ली मंडल प्रशासन ने Indian Oil Corporation Limited को आधिकारिक पत्र भेजा है। पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि रेलवे के रनिंग रूम में गैस सिलिंडरों की नियमित सप्लाई बेहद जरूरी है और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा रेलवे कर्मचारियों की सुविधा और ट्रेन संचालन व्यवस्था पर असर डाल सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि रनिंग रूम की किचन व्यवस्था पूरी तरह गैस सिलिंडरों पर निर्भर रहती है। यदि सिलिंडर उपलब्ध नहीं होंगे तो भोजन बनाना संभव नहीं होगा, जिससे कर्मचारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

लगातार घट रहा गैस सिलिंडरों का स्टॉक

रेलवे सूत्रों के अनुसार दिल्ली मंडल के अधिकांश रनिंग रूम में अभी गैस सिलिंडर उपलब्ध हैं, लेकिन नई सप्लाई नहीं आने के कारण स्टॉक लगातार घटता जा रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में कई स्थानों पर किचन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पहले गैस सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति होती थी, लेकिन पिछले कुछ समय से इसमें देरी हो रही है। इसी वजह से रेलवे प्रशासन को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी है।

जगाधरी वर्कशॉप की कैंटीन 16 मार्च से बंद

गैस की कमी का असर अब जमीन पर भी दिखने लगा है। Jagadhri Railway Workshop की कैंटीन 16 मार्च से बंद पड़ी है। यहां कार्यरत कर्मचारियों को भोजन के लिए बाहर से व्यवस्था करनी पड़ रही है।

वर्कशॉप कर्मचारियों का कहना है कि कैंटीन बंद होने से उन्हें रोजाना अतिरिक्त खर्च और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारी दूर-दराज से आते हैं और कैंटीन ही उनके भोजन का मुख्य सहारा होती थी।

यह स्थिति इस बात का संकेत है कि यदि जल्द गैस आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो अन्य रेलवे संस्थानों में भी यही हालात बन सकते हैं।

दिल्ली मंडल के 14 रनिंग रूम प्रभावित होने की आशंका

रेलवे अधिकारियों के अनुसार Northern Railway Delhi Division के अंतर्गत कुल 14 रनिंग रूम संचालित होते हैं। इनमें हरियाणा के कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।

इन स्टेशनों में

  • Panipat
  • Palwal
  • Jind
  • Jakhal
  • Rohtak
  • Ambala Cantonment

जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन शामिल हैं।

इन सभी स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोको पायलट, गार्ड और अन्य रनिंग स्टाफ रुकते हैं। यहां उन्हें भोजन और विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में गैस की कमी सीधे तौर पर रेलवे कर्मचारियों की सुविधा को प्रभावित कर सकती है।

क्या कहते हैं रेलवे अधिकारी

उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के जनसंपर्क अधिकारी Ajay Michael ने बताया कि रेलवे प्रशासन ने Indian Oil Corporation Limited को पत्र भेजकर गैस सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल रनिंग रूम में गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं लेकिन सप्लाई में देरी हो रही है। रेलवे चाहता है कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए ताकि कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

रनिंग रूम क्यों हैं इतने महत्वपूर्ण

रेलवे संचालन व्यवस्था में रनिंग रूम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ये केवल विश्राम स्थल नहीं बल्कि ट्रेन संचालन की सुचारू व्यवस्था का एक अहम हिस्सा हैं।

रनिंग रूम की मुख्य विशेषताएं —

  • लोको पायलट और गार्ड के लिए विश्राम स्थल
  • 24 घंटे भोजन और ठहरने की सुविधा
  • लंबी ड्यूटी के बीच आवश्यक आराम
  • ट्रेन संचालन की निरंतरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका

रेलवे कर्मचारियों का काम बेहद जिम्मेदारी भरा होता है। उन्हें कई बार लगातार कई घंटे तक ट्रेन चलानी पड़ती है। ऐसे में रनिंग रूम में मिलने वाली आराम और भोजन की सुविधा उनके लिए बेहद जरूरी होती है।

कर्मचारियों की कार्यक्षमता पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रनिंग रूम में भोजन की व्यवस्था प्रभावित होती है तो इसका असर कर्मचारियों की कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है। रेलवे कर्मचारियों को समय पर भोजन और आराम मिलना बेहद जरूरी होता है क्योंकि ट्रेन संचालन में उनकी सतर्कता और मानसिक स्थिति का सीधा संबंध यात्रियों की सुरक्षा से होता है।

इसलिए रेलवे प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और गैस सप्लाई जल्द बहाल करने की कोशिश कर रहा है।

जल्द समाधान की उम्मीद

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि Indian Oil Corporation Limited से जल्द सकारात्मक जवाब मिलने की उम्मीद है। यदि गैस सिलिंडरों की नियमित सप्लाई बहाल हो जाती है तो स्थिति सामान्य हो सकती है।

फिलहाल रेलवे प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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