भारत की प्रसिद्ध पर्वतारोही और मोटिवेशनल स्पीकर अनीता कुंडू एक और ऐतिहासिक चढ़ाई की तैयारी कर रही हैं। 25 मार्च 2025 को वे नेपाल स्थित माउंट अन्नपूर्णा (8,091 मीटर) पर चढ़ाई के लिए रवाना होंगी। यह अभियान केवल पर्वतारोहण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा सामाजिक उद्देश्य भी है – ‘नशा मुक्त हरियाणा’। अनीता कुंडू इस अभियान के जरिए युवाओं को नशे की लत से बचने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी।
चुनौतीपूर्ण अभियान: माउंट अन्नपूर्णा की चढ़ाई
माउंट अन्नपूर्णा दुनिया की दसवीं सबसे ऊंची चोटी है और इसे दुनिया के सबसे खतरनाक पर्वतों में से एक माना जाता है। इस पर चढ़ाई करना अत्यधिक कठिन होता है क्योंकि:
- यह बेहद ठंडे और कठोर मौसम का क्षेत्र है।
- यहाँ बर्फीले तूफान और एवलॉन्च (हिमस्खलन) का खतरा हमेशा बना रहता है।
- ऑक्सीजन की कमी और अत्यधिक ऊंचाई के कारण कई पर्वतारोही इसे फतह करने में असफल रहते हैं।
लेकिन अनीता कुंडू पहले भी कठिनतम परिस्थितियों में पर्वतारोहण कर चुकी हैं और इस बार भी वे पूरी तैयारी के साथ इस मिशन को सफल बनाने के लिए निकल रही हैं।
अभियान का उद्देश्य – ‘नशा मुक्त हरियाणा’
अनीता कुंडू का यह पर्वतारोहण अभियान केवल एक व्यक्तिगत लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता फैलाने का भी एक प्रयास है। इस अभियान की थीम “नशा मुक्त हरियाणा” रखी गई है।
इस अभियान के मुख्य उद्देश्य:
- युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए प्रेरित करना।
- फिटनेस और खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
- अनुशासन और दृढ़ संकल्प के महत्व को बताना।
- समाज को नशे से मुक्त करने का संदेश फैलाना।
अनीता कुंडू का संदेश:
“स्वस्थ शरीर और मजबूत मन से ही ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को कमजोर करता है। हमें अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाना चाहिए।”
अनीता कुंडू की ऐतिहासिक उपलब्धियां
अनीता कुंडू ने पर्वतारोहण की दुनिया में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वे भारत की उन गिनी-चुनी महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वतों पर तिरंगा फहराया है।
माउंट एवरेस्ट पर तीन बार विजय
- 2013 – नेपाल मार्ग से चढ़ाई करने वाली हरियाणा की पहली महिला बनीं।
- 2017 – तिब्बत (चीन) मार्ग से एवरेस्ट फतह करने वाली भारत की पहली महिला बनीं।
- 2019 – पूरी दुनिया के पर्वतारोहियों का नेतृत्व करते हुए माउंट एवरेस्ट पर भारत का तिरंगा फहराया।
सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों (Seven Summits) पर विजय
- माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) – एशिया
- माउंट एकोनकागुआ (6,961 मीटर) – दक्षिण अमेरिका
- माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) – अफ्रीका
- माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर) – यूरोप
- माउंट विंसन (4,892 मीटर) – अंटार्कटिका
- माउंट कोज़ीयसको (2,228 मीटर) – ऑस्ट्रेलिया
अन्य प्रतिष्ठित पर्वत शिखरों पर विजय
- माउंट मकालू (8,485 मीटर) – विश्व का पांचवां सबसे ऊंचा पर्वत।
- माउंट मनास्लु (8,163 मीटर) – दुनिया का आठवां सबसे ऊंचा पर्वत।
- भारत की पहली महिला पर्वतारोही जिन्होंने चीन के तिब्बत क्षेत्र से एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह किया।
सम्मान और पुरस्कार
अनीता कुंडू को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया है, जिनमें प्रमुख हैं:
- “तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार” (Tenzing Norgay National Adventure Award) – 2020
- यह भारत का सर्वोच्च साहसिक खेल पुरस्कार है।
- आमतौर पर यह पुरस्कार सेना, नौसेना या वायुसेना के पूरे दल को दिया जाता है, लेकिन अनीता कुंडू को व्यक्तिगत रूप से यह सम्मान मिला।
- ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर – हरियाणा सरकार।
- हरियाणा सरकार द्वारा ‘राज्य स्तरीय खेल पुरस्कार’।
- भारतीय सेना, ITBP और BSF द्वारा विशेष सम्मान।
- हरियाणा सरकार द्वारा कल्पना चावला, नारी शक्ति और सर्वोत्तम महिला मुख्यमंत्री अवार्ड।
‘अनीता कुंडू फाउंडेशन’ – समाज के लिए समर्पित पहल
अनीता कुंडू केवल पर्वतारोहण में ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं। उन्होंने ‘अनीता कुंडू फाउंडेशन’ की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य युवाओं को फिटनेस, खेल और साहसिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करना है।
फाउंडेशन के मुख्य कार्य:
- युवाओं के लिए फिटनेस और पर्वतारोहण प्रशिक्षण।
- नशामुक्ति अभियान को बढ़ावा देना।
- आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली युवाओं की मदद करना।
युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
अनीता कुंडू का जीवन संघर्ष और सफलता की मिसाल है। वे युवाओं को यह संदेश देना चाहती हैं कि:
“अगर मैं एक छोटे से गांव से निकलकर एवरेस्ट फतह कर सकती हूं, तो हर युवा अपने जीवन में असंभव को संभव बना सकता है। बस जरूरत है सही दिशा, मेहनत और अनुशासन की।”
क्या करें?
✔️ नशे जैसी बुरी आदतों से दूरी बनाएँ।
✔️ खेल, एडवेंचर और फिटनेस को अपनाएँ।
✔️ अपने शरीर और दिमाग को मजबूत बनाएँ।
✔️ सफलता पाने के लिए अनुशासन और मेहनत करें।
निष्कर्ष
अनीता कुंडू का माउंट अन्नपूर्णा पर चढ़ाई करने का यह मिशन भारत और हरियाणा के लिए गर्व का क्षण है। उनका अभियान “नशा मुक्त हरियाणा” केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की एक पहल है। उनकी यात्रा न केवल पर्वतारोहण की दुनिया में एक और उपलब्धि जोड़ेगी, बल्कि हजारों युवाओं को सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगी।
