अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने ली तीन जिंदगियां, परिवारों में मातम
फतेहाबाद में एक भीषण सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे भूना के पास हुई, जब सिरसा से टोहाना जा रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई और पलट गई। हादसा इतना भयावह था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और दो युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना स्थल: लॉर्ड कृष्णा स्कूल के पास हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा लॉर्ड कृष्णा स्कूल के पास फतेहाबाद रोड पर हुआ। तेज गति से आ रही स्कॉर्पियो अचानक संतुलन खो बैठी और डिवाइडर से टकराकर बुरी तरह पलट गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो के सामने का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे उसमें बैठे यात्रियों को गंभीर चोटें आईं।
तीन की मौके पर मौत, तीन गंभीर घायल
हादसे में नरेश (29) पुत्र सतपाल निवासी गांव डांगरा और कृष्ण (35) निवासी गांव अमानी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, घायल विक्रम (30), ईश्वर (30) निवासी जमालपुर, काला (35) निवासी गांव अमानी और सुखविंदर (28) निवासी गांव चंदड़ कलां को तुरंत भूना के सरकारी अस्पताल (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने चारों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हिसार के निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। लेकिन, इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही सुखविंदर ने दम तोड़ दिया।
कैसे हुआ हादसा? क्या थी दुर्घटना की वजह?
इस सड़क हादसे की वजह का पता लगाने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की गई। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि कार की गति काफी अधिक थी, जिससे ड्राइवर वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और स्कॉर्पियो सीधे डिवाइडर से टकरा गई। हादसे के दौरान वाहन की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उसकी छत और दरवाजे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर हल्की नमी थी, जिससे गाड़ी फिसल सकती है। वहीं, यह भी आशंका जताई जा रही है कि ड्राइवर को नींद का झोंका आ गया हो, जिससे यह दुर्घटना हुई। हालांकि, अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घायलों का इलाज जारी, परिवारों में मातम
तीनों घायलों को हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों को सिर, छाती और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं। परिवार के सदस्य अस्पताल में मौजूद हैं और उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
इस हादसे के बाद मृतकों के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है। नरेश और कृष्ण के घरों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव के लोगों की भीड़ उनके घरों के बाहर जमा हो गई है।
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पुलिस की जांच जारी, पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंपे जाएंगे
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह दुर्घटना तेज गति के कारण होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अन्य कारणों की भी जांच की जाएगी।
इस तरह की दुर्घटनाओं से कैसे बचा जा सकता है?
यह हादसा एक बार फिर हमें सड़क सुरक्षा के नियमों के महत्व की याद दिलाता है। कुछ बिंदु जिनका पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है:
- सुरक्षित गति सीमा का पालन करें: सड़क पर वाहन चलाते समय गति सीमा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाओं की संभावना को बढ़ा देते हैं।
- थकान होने पर ड्राइविंग न करें: लंबे समय तक गाड़ी चलाने से थकान हो सकती है, जिससे ड्राइवर को नींद आ सकती है और दुर्घटना हो सकती है।
- रात में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें: रात के समय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए धीमी गति से और सावधानीपूर्वक वाहन चलाना चाहिए।
- सीट बेल्ट का उपयोग करें: सीट बेल्ट पहनने से गंभीर चोटों से बचा जा सकता है।
निष्कर्ष
फतेहाबाद में हुए इस सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। यह दुर्घटना तेज गति और संभवतः लापरवाही का नतीजा थी, जिससे तीन युवकों की जिंदगी खत्म हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह हादसा हमें सड़क सुरक्षा के नियमों को गंभीरता से लेने का संदेश देता है।
