पश्चिमी विक्षोभ का असर: आठ जिलों में बारिश की संभावना
हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के कुछ जिलों में आज बारिश होने की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से पंजाब से सटे आठ जिलों – पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, जींद, सिरसा और फतेहाबाद में हल्की बारिश होने के आसार हैं। वहीं, अन्य जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, जिससे दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ चार मार्च को आगे बढ़ जाएगा, लेकिन इसके असर से हरियाणा के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। उत्तरी-पश्चिमी हवाएं चलने से ठंडक में इजाफा होगा और दिन के समय भी ठंडी हवाएं महसूस की जाएंगी।
तेज हवाओं के कारण ठंड में बढ़ोतरी, सर्दी फिर लौटेगी?
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है। इस कारण हरियाणा सहित एनसीआर और दिल्ली में भी तापमान में गिरावट आएगी। मंगलवार को प्रदेश में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हवाओं की दिशा बदलने से सर्दी एक बार फिर लौट सकती है। ऐसे में सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है।
महेंद्रगढ़ में सबसे अधिक तापमान, रात में रिकॉर्ड गिरावट
सोमवार को हरियाणा में मौसम साफ रहा और दिनभर खिली धूप के कारण तापमान में लगभग 5 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। प्रदेश का सबसे अधिक तापमान महेंद्रगढ़ में 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि इस समय के लिए अपेक्षाकृत अधिक है।
वहीं, रात के तापमान में भारी गिरावट देखी गई। हिसार में न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि प्रदेश में सबसे कम रहा। रात का तापमान 5 डिग्री तक नीचे गिर गया, जिससे सुबह और रात के समय ठंडक का अनुभव हुआ।
बारिश के बाद बढ़ेगी ठंड, किसानों के लिए राहत या चिंता?
हरियाणा में संभावित हल्की बारिश के चलते तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है। इस बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव किसानों पर पड़ सकता है। बारिश का हल्का असर रबी की फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि इससे मिट्टी में नमी बनी रहेगी और फसल की पैदावार बेहतर होगी। हालांकि, अगर बारिश तेज हुई या ओलावृष्टि हुई तो फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
अभी तक मौसम विभाग ने ओलावृष्टि की संभावना से इनकार किया है, लेकिन किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश से गेहूं, सरसों और चने जैसी फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन हवा की तेज गति के कारण कुछ इलाकों में फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
क्या अगले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ेगी?
मौसम विभाग के मुताबिक, चार मार्च को पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ने के बाद उत्तरी-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव तेज हो जाएगा। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आएगी और हल्की सर्दी लौट सकती है। अगले कुछ दिनों तक हरियाणा के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन तापमान में किसी बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर हवाओं की गति तेज रहती है, तो न्यूनतम तापमान में थोड़ी और गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं, दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मौसम ठंडा ही बना रहेगा।
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मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें, सतर्क रहें
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें और विशेष रूप से किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अचानक होने वाली बारिश और तेज हवाओं के कारण फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक तैयारियां करने की जरूरत है।
निष्कर्ष:
हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के चलते आठ जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आएगी। महेंद्रगढ़ में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, जबकि हिसार में न्यूनतम तापमान रहा। बारिश से सर्दी फिर लौट सकती है, जिससे आमजन को ठंडक का अहसास होगा और किसानों को राहत मिल सकती है। अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, इसलिए मौसम पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
