संसद में रची गई साजिश की कहानी छह मोबाइल फोनों में छिपी है… सभी के फोन लेकर बचने वाला मास्टरमाइंड अपना राज़ खोलेगा!

संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने का मास्टरमाइंड ललित.
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संसद की सुरक्षा में जंग लगाने वालों का मोटिव क्या था, इस पर सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं। इसके साथ ही, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ललित की खोज में उन सभी आरोपियों का फोन लेकर भागने के लिए समर्पित है। ललित कोलकाता से है, और उसकी पकड़ की कोशिश की जा रही है। उसे पकड़ने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होगा, कि इनका असली मकसद क्या था।

संसद सुरक्षा उल्लंघन मामला: चार आरोपियों पर सतत जांच कार्रवाई हो रही है, जिन्होंने संसद की सुरक्षा में घुसाई। इस दौरान उन्होंने यह दावा किया है कि उनका उद्देश्य बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और मणिपुर की समस्याएं सरकार के ध्यान में लाना था, इसलिए उन्होंने इस हादसे को कारगर बनाया। हालांकि, एजेंसी पूरी तरह से इस बात पर यकीन नहीं कर रही है। इनका मोटिव क्या है, इस पर विस्तृत जाँच के लिए आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। चारों आरोपियों का मोबाइल फोन ललित के पास है, जो अभी तक फरार है। जांच एजेंसी को आशंका है कि उन्होंने सबूतों को मिटाने के लिए सभी के मोबाइल फोनों को लेकर भागा है।

एक अधिकारी ने बताया कि अमोल ने पुलिस को बताया है कि उसने महाराष्ट्र के कल्याण से लगभग 1200 रुपये में पांच रंगीन धुआं फेंकने वाले कनस्तर खरीदे थे। एक अधिकारी ने कहा कि सभी आरोपियों की विचारधारा एक जैसी थी, इसलिए उन्होंने सरकार को इसी तरह की बातें बताईं। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रहीं हैं कि क्या इन्हें किसी व्यक्ति या संगठन ने भेजा गया था।

संसद में स्प्रे कांड का मास्टरमाइंड अभी भी फरार

दिल्ली पुलिस संसद में स्प्रे कांड के मास्टरमाइंड की खोज में जुटी है। इस के लिए छापेमारी की जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता से आने वाले ललित झा पेशे से एक शिक्षक है और उन्हें पूरी घटना का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि भगत सिंह के प्रभाव में आकर ललित और उनके सहयोगियों ने इसे सब कुछ किया, ताकि देश का ध्यान उनकी दिशा में आकर्षित हो सके। एक अधिकारी ने कहा कि अब तक सुरक्षा एजेंसियों को उनका किसी आतंकी समूह से कोई संबंध नहीं मिला है।

सोशल मीडिया के माध्यम से आपसी संपर्क में आए थे आरोपी।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के संपर्क में आए थे, जिसके बाद सभी छह व्यक्तियों ने फेसबुक पर भगत सिंह फैन पेज से जुड़ाव किया। ललित, सागर शर्मा, और मनोरंजन एक साल पहले मैसूर में मिले थे, जहां उन्होंने संसद में प्रवेश करने की योजना बनाई थी। बाद में उन्होंने नीलम और अमोल को भी शामिल कर लिया। शिक्षक ललित ने इस पूरे मामले का नेतृत्व किया, और उन्होंने मनोरंजन को मानसून सत्र के दौरान संसद के सभी एंट्री पॉइंट की रेकॉर्डिंग करने को कहा था।

जाँच से जुड़े अधिकारी ने बताया कि जुलाई में मनोरंजन दिल्ली पहुंचा और एक सांसद के नाम पर जारी विजिटर पास के आधार पर संसद में प्रवेश किया। वहां उसे पता चला कि जूतों की तलाशी नहीं होती है। इसके बाद बुधवार को ललित ने चार अन्य लोगों के साथ संसद में प्रवेश किया। यहां उसे केवल दो लोगों के लिए पास मिले। सागर और मनोरंजन ने संसद के अंदर जाने का निर्णय लिया, जबकि नीलम और अमोल बाहर गेट पर ठहरे रहे। उनके पास भी कनस्तर थे, जिससे पीला और लाल धुआं निकल रहा था।

वहीं, सागर, मनोरंजन, नीलम, और अमोल के मोबाइल फोन ललित ने अपने पास संग्रहित किए थे। संसद के अंदर और बाहर उन रंगीन कनस्तरों का उपयोग किया गया, जिन्हें अमोल ने महाराष्ट्र के कल्याण से खरीदा था।

मास्टरमाइंड ललित ने अपने इंस्टाग्राम पर घटना का वीडियो पोस्ट किया।

ललित ने बाद में इस घटना का वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया, और नीलम और अमोल को संसद के बाहर हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद इसे ग्रुप के एक सदस्य विशाल शर्मा उर्फ विक्की के साथ भी शेयर किया।

ललित की आखिरी लोकेशन नीमराणा, राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर मिली गई थी। पुलिस ने पहले बताया था कि सभी पंचों ने 10 दिसंबर को एकत्र होकर गुरुग्राम में विशाल शर्मा के आवास पर रुकावट की थी। वर्तमान में नीलम, मनोरंजन, अमोल, और विशाल हिरासत में हैं। इन पंचों के साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ की है।

मोबाइल से सबूत मिटा सकता है मास्टरमाइंड ललित

इस घटना के संबंध में कई प्रश्न उठ रहे हैं। क्या कोई बड़ी साजिश के तहत 13 दिसंबर को चयनित किया गया था? इस दिन का चयन ललित झा ने किया था। तो क्या संसद में स्मोक कलर के हंगामे का मास्टरमाइंड ललित झा है? अभी तक की जांच में ललित झा के मास्टरमाइंड होने की संभावना है, लेकिन बड़ी साजिश की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

ललित झा ने सभी को गुरुग्राम में मीटिंग के लिए बुलाया था और उन्होंने वीडियो को मोबाइल में शूट करके सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। वर्तमान में, इन सभी का सूत्रधार ललित झा के खिलाफ उभर रहा है। चारों लोग ललित के संपर्क में थे और लगता है कि ललित झा एक योजना के तहत सभी के फोन लेकर फरार हो गए थे। पुलिस को आशंका है कि ललित मोबाइल में साजिश से जुड़े सबूतों को मिटा सकता है। ललित झा की आखिरी लोकेशन नीमराना के पास थी, और उसकी तलाश में दो टीमें लगातार रेड कर रही हैं।

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