सूचना सेठ केस: गोवा पुलिस ने सूचना सेठ के मामले में बताया है कि उन्हें सर्विस अपार्टमेंट के कमरे से कफ सिरप की दो बोतलें मिलीं हैं, जिससे यह सुझाव आता है कि बच्चे को मारने से पहले सूचना ने उसे भारी मात्रा में दवा दी थी। बच्चे के शरीर पर दवा के असर के बाद, सूचना ने उसका गला घोंटकर मार डाला। क्योंकि पोस्टमार्टम में भी मौत से पहले बच्चे द्वारा स्ट्रगल के कोई साइन नहीं मिले हैं।
गोवा: सूचना सेठ के बेटे की 4 साल की हत्या के विवाद में नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस टीम ने मामले की विस्तृत जांच करती हुई एक के बाद एक नए पहलुओं की खोज जारी रखी है। जब पुलिस गोवा में स्थित सर्विस अपार्टमेंट में पहुंची, जहां वारदात को अंजाम दिया गया था, तो उन्हें वहां से कफ सिरप की दो खाली बोतलें मिलीं। इससे यह सुझाव हो रहा है कि सूचना ने बेटे को मारने से पहले उसे भारी मात्रा में कफ सिरप पिलाया हो सकता है।
वर्तमान में, उन खाली बोतलों को भी जाँच के लिए भेज दिया गया है, जिसे पुलिस ने बुधवार को सूचित किया है। पुलिस ने बताया कि सूचना की मानसिक स्थिति का आकलन करने और भयानक अपराध के उद्देश्य की पहचान के लिए मनोवैज्ञानिक की सहायता ली जाएगी। इसके साथ ही, बुधवार को ही मनोवैज्ञानिक ने सूचना सेठ से पूछताछ की है। मंगलवार को जब बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया गया, तो पता चला कि उसका गला तकिए या तौलिये के घंटे से बंधा गया था, जिसके कारण बच्चे की मौत हो गई। मौत के कारण, बच्चे के चेहरे पर नसें भी उभर आई थीं।
एक न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, अपार्टमेंट से मिली गई कफ सिरप की खाली बोतलों में से एक बड़ी और एक छोटी है। मौत से पहले स्ट्रगल के कोई साइन नहीं दिखे जा रहे हैं, जिससे यह सुझाव आता है कि सूचना ने बच्चे को पहले कफ सिरप की भारी मात्रा में पिलाया हो सकता है। फिर, जब बच्चे के शरीर पर दवा का असर हुआ, तब सूचना ने उसका गला घोंटकर मार डाला।
सर्विस अपार्टमेंट के एक कर्मचारी ने भी पुलिस को बताया कि सूचना ने उससे ही कफ सिरप की छोटी बोतल मंगवाई थी और कहा था कि उसकी तबियत खराब है। बड़ी बोतल वह पहले से ही लेकर आई थी। पुलिस ने इसे साजिशपूर्ण हत्या के तौर पर चर्चा की है। बच्चे को मारने के बाद, सूचना ने धारदार हथियार से अपनी बाईं कलाई को भी काटा, जिसे उसने आत्महत्या करने का इरादा किया था। लेकिन बाद में, उसका इरादा बदल गया और उसने आगे का प्लान तैयार किया कि बच्चे की लाश को कैसे और कहां ठिकाने लगाएगी।
उसी समय, पुलिस की पूछताछ में सूचना ने गुनाह कबूल करने से इनकार कर दिया है। उसने कहा कि बच्चा पहले ही मर चुका था और उसे नहीं पता कि वह कैसे मरा। उसने 8 जनवरी को सोकर उठते ही देखा कि उसका बेटा मरा हुआ है।
सूचना के इस बयान पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम उसकी थ्योरी से सहमत नहीं हैं। आगे की जांच से बच्चे की हत्या के पीछे के मकसद का पता चलेगा। अब तक जो जांच में सामने आया है, उसके मुताबिक, उसने इसलिए बेटे को मार डाला ताकि बच्चे का पिता उससे न मिल सके।” पुलिस फिलहाल सूचना सेठ को बेटे की हत्या और सबूत नष्ट करने के आरोप में पणजी के पास मनोचिकित्सा और मानव व्यवहार संस्थान में लेकर गई है, जहां उसकी मनोवैज्ञानिक चिकित्सा जांच की गई है। अब बस रिपोर्ट का इंतजार है। फिलहाल सूचना 6 दिनों के पुलिस रिमांड पर है। वहीं, सूचना के पति वेंकटरमन भी इंडोनेशिया से भारत लौट आए हैं। पुलिस उनसे भी पूछताछ करेगी।
वारदात को अंजाम कैसे और कब दिया गया?
6 जनवरी को सूचना सेठ ने अपने 4 साल के बेटे के साथ बेंगलुरु से गोवा आने का निर्णय लिया। वहां पहुंचकर उन्होंने कैंडोलिम इलाके में स्थित एक सर्विस अपार्टमेंट में चेक-इन किया, जिसकी बुकिंग पहले से ही हुई थी। रिसेप्शन पर पहुंचते ही उन्होंने अपना आईडी कार्ड स्टाफ को प्रदान किया। इसके बाद, 6 और 7 जनवरी को वह अपने बेटे के साथ गोवा में घूमने निकलीं। 7 जनवरी की रात में उन्होंने अपने बेटे को अपार्टमेंट में ही मार डाला। फिर, 8 जनवरी को उन्होंने कैब बुक की और वहां से निकल गईं। हालांकि, सर्विस अपार्टमेंट के स्टाफ में इस पर संदेह होने लगा, क्योंकि उन्होंने चेकआउट के समय देखा कि उनके साथ उनका बेटा नहीं था।
स्टाफ ने सूचना सेठ के कमरे का दरवाजा खोला तो वहां खून की छींटें देखी गईं। इस घड़ी को तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने उस कैब ड्राइवर का फोन नंबर तुरंत ढूंढ़ निकाला, जिसने सूचना को साथ लेकर यात्रा की थी। पहले पुलिस ने सूचना से यह पूछा कि आपका बेटा कहां है। सूचना ने कहा कि उसका बेटा गोवा में एक रिश्तेदार के यहां है। पुलिस को पहले यह लगा कि वे बेवजह सूचना पर संदेह कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्होंने सूचना द्वारा दिए गए पते की सत्यता की जांच के लिए प्रयास किया। हालांकि, इसका पता चला कि सूचना ने झूठी जानकारी दी थी।
इसके बाद पुलिस ने कैब ड्राइवर को पुनः फोन किया और कहा कि मैडम को बिना बताए वह नजदीकी किसी थाने में ले जाए। ड्राइवर ने बिलकुल ऐसा किया, और इस समय वे लोग कर्नाटक में थे। जैसे ही गाड़ी थाने के पास रुकी, सूचना हक्की-बक्की में रह गई। कर्नाटक पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली, और उसके अंदर से सूचना के बेटे की लाश मिली। कर्नाटक पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर गोवा पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद गोवा पुलिस वहां पहुंची और सूचना को गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई।
