हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है और सियासी दलों के बीच गठबंधन को लेकर चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें अब और भी गहरी होती जा रही हैं। AAP जहां हरियाणा में 10 सीटों की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस ने केवल 7 सीटें देने का प्रस्ताव रखा है। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच कई राउंड की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। इसी बीच, ओलंपिक पदक विजेता विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को उम्मीदवार बनाने की भी चर्चा है, जिससे राजनीतिक समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।
सीटों पर क्यों अटका है पेच?
AAP सूत्रों का कहना है कि उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में हरियाणा की एक सीट पर चुनाव लड़ा था, जो कि 9 विधानसभा सीटों वाले क्षेत्र में आती है। इसी आधार पर AAP ने हरियाणा में 10 सीटें मांगी हैं। कांग्रेस, दूसरी ओर, 7 सीटें देने के पक्ष में है। AAP के सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के साथ पार्टी नेताओं की तीन से पांच राउंड की बातचीत हो चुकी है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के साथ इस मुद्दे पर कई बार चर्चा की है। अब माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वेणुगोपाल और राघव चड्ढा के बीच और भी बैठकें हो सकती हैं।
गठबंधन पर अंतिम फैसला किसका?
गठबंधन पर अंतिम फैसला AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल के हाथों में है। AAP के सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के साथ बातचीत अभी जारी है और अंतिम निर्णय केजरीवाल ही लेंगे। वहीं, कांग्रेस ने भी हरियाणा में AAP के साथ गठबंधन की संभावनाओं को देखने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी गठबंधन से संबंधित सभी पहलुओं का अध्ययन करेगी और पार्टी हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि AAP को राज्य विधानसभा चुनाव में कितनी सीटें दी जा सकती हैं।
कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक में क्या हुआ?
कांग्रेस चुनाव समिति (CEC) की बैठक में हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, CEC की बैठक में करीब 49 सीटों पर विस्तार से मंथन किया गया, जबकि लगभग 30 से 35 सीटों पर फाइनल चर्चा हो चुकी है। बैठक में उम्मीदवारों के चयन के दौरान उनकी जीत की संभावना को प्राथमिकता दी गई। यह भी तय किया गया कि पार्टी उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता देगी जिनका प्रदर्शन पहले के चुनावों में बेहतर रहा है। कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि केंद्रीय चुनाव समिति की बैठकें जारी रहेंगी और सभी उम्मीदवारों के नाम जल्द ही घोषित किए जाएंगे।
विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया के चुनाव लड़ने की संभावना
इस बीच, चर्चाएं चल रही हैं कि ओलंपिक पदक विजेता विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को भी चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि CEC की बैठक में अब तक इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है, लेकिन एक-दो दिनों में स्थिति साफ हो सकती है। विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया के नाम पर विचार किया जा रहा है, और अगर ये दोनों उम्मीदवार के रूप में सामने आते हैं, तो यह चुनावी मैदान में कांग्रेस के लिए एक बड़ा तुरुप का इक्का साबित हो सकता है।
गठबंधन की दिशा: अंतिम फैसला कब होगा?
कांग्रेस और AAP के बीच गठबंधन की दिशा अभी भी अनिश्चितता के घेरे में है। दोनों पार्टियां सीटों के बंटवारे को लेकर अपने-अपने रुख पर कायम हैं। AAP का कहना है कि वह हरियाणा में अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहती है और 10 सीटों की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे केवल 7 सीटों तक सीमित रखना चाहती है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच हुई बैठकों के बावजूद कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। AAP सूत्रों का कहना है कि गठबंधन पर अंतिम निर्णय अरविंद केजरीवाल करेंगे। वहीं, कांग्रेस ने गठबंधन की संभावनाओं को टटोलने के लिए कमेटी का गठन कर दिया है, जो अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेगी।
क्या कह रहे हैं राजनीतिक विश्लेषक?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस और AAP के बीच गठबंधन हरियाणा की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अगर दोनों दल एकजुट होते हैं, तो यह सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए एक चुनौती बन सकता है। हरियाणा में जाट और गैर-जाट वोटों का गणित काफी महत्वपूर्ण है, और AAP के साथ गठबंधन से कांग्रेस को इस गणित को अपने पक्ष में करने में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष: कांग्रेस और AAP के लिए आगे की राह
हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और AAP के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं जारी हैं। सीटों के बंटवारे को लेकर अभी भी दोनों पार्टियों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। लेकिन चुनावी समीकरणों और राजनीतिक गणित को देखते हुए यह गठबंधन दोनों पार्टियों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
अगले कुछ दिनों में इस मुद्दे पर और भी महत्वपूर्ण बैठकें होने की संभावना है, जो यह तय करेंगी कि कांग्रेस और AAP के बीच गठबंधन होगा या नहीं। वहीं, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया के चुनावी मैदान में उतरने की संभावना ने भी इस चुनाव को और रोमांचक बना दिया है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस और AAP के बीच की यह बातचीत हरियाणा की राजनीति में क्या मोड़ लाती है और क्या दोनों दल मिलकर बीजेपी को सत्ता से बेदखल कर पाएंगे या नहीं।
