सत्ता के शीर्ष पद पर बैठे नेता भी आखिर बेटे ही होते हैं… हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण अपनी मां की अर्थी को कंधा देते हुए कई बार भावुक हो गए।
हरविंद्र कल्याण की मां मति प्रेम कौर का निधन: कुटेल गांव में हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि
हरविंद्र कल्याण की मां मति प्रेम कौर का निधन हरियाणा की राजनीतिक और सामाजिक दुनिया के लिए गहरी संवेदना का क्षण बन गया। हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने शनिवार को अपनी माता मति प्रेम कौर कल्याण के अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें कंधा देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान वे कई बार भावुक हो गए और मां के चरणों में नमन करते हुए लंबे समय तक खड़े रहे।
शनिवार दोपहर हरियाणा के करनाल जिले के पैतृक गांव कुटेल की शिव पूरी में मति प्रेम कौर का अंतिम संस्कार पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक नेता, विधायक, पूर्व विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और आम नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
मति प्रेम कौर की अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव कुटेल से निकाली गई। गांव की गलियों से गुजरती हुई शव यात्रा शिव पूरी श्मशान घाट तक पहुंची। रास्ते भर लोगों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धांजलि दी।
ग्रामीणों का कहना था कि मति प्रेम कौर का जीवन बेहद सादगीपूर्ण और आदर्शों से भरा हुआ था। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि वे हमेशा सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को प्राथमिकता देती थीं। उनके व्यक्तित्व में विनम्रता, धैर्य और सेवा भावना साफ दिखाई देती थी।
शव यात्रा के दौरान कई लोगों की आंखें नम हो गईं। गांव के लोगों ने बताया कि मति प्रेम कौर का घर हमेशा लोगों के लिए खुला रहता था और वे हर व्यक्ति से आत्मीयता से मिलती थीं।
मां को कंधा देते हुए भावुक हुए हरविंद्र कल्याण
अंतिम संस्कार के दौरान जब अर्थी उठाई गई तो विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने स्वयं आगे बढ़कर अपनी मां को कंधा दिया। यह क्षण वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया।
राजनीतिक जीवन में संयमित और दृढ़ नजर आने वाले हरविंद्र कल्याण उस समय बेटे की भूमिका में पूरी तरह भावुक दिखाई दिए। उन्होंने मां के चरणों में पुष्प अर्पित किए और नम आंखों से उन्हें अंतिम प्रणाम किया।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि हरविंद्र कल्याण अपनी मां से बेहद जुड़ाव रखते थे और अक्सर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहते थे। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी।
कई दिनों से अस्वस्थ थीं मति प्रेम कौर
परिवार के अनुसार मति प्रेम कौर (85 वर्ष) पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। शुक्रवार रात लगभग 12 बजे उन्होंने अपने निवास स्थान पर अंतिम सांस ली।
डॉक्टरों और परिवार के सदस्यों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा था, लेकिन उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी स्थिति धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई।
उनके निधन की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। सुबह से ही लोग उनके घर पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने लगे।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा:
“हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष माननीय हरविंद्र कल्याण की माता प्रेम कौर जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति।”
मुख्यमंत्री के अलावा कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सामाजिक मूल्यों से भरा रहा जीवन
ग्रामीणों और परिवार के लोगों के अनुसार मति प्रेम कौर का जीवन बेहद अनुकरणीय रहा। उन्होंने अपने परिवार को हमेशा संस्कारों और मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
गांव के लोगों ने बताया कि वे हमेशा जरूरतमंदों की मदद करने में विश्वास रखती थीं। सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी और गांव के लोग उन्हें बेहद सम्मान देते थे।
राजनीतिक परिवार से जुड़ा रहा नाम
मति प्रेम कौर के पति स्वर्गीय चौधरी देवी सिंह कल्याण हरियाणा एग्रो कॉर्पोरेशन के चेयरमैन रह चुके थे। वे भी क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे।
इस कारण कल्याण परिवार का नाम लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक सेवा से जुड़ा रहा है।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे जनप्रतिनिधि
अंतिम संस्कार में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। इनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, विधायक और सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि शामिल थे।
सभी ने मति प्रेम कौर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन सादगी और संस्कारों का प्रतीक था।
गांव के लोगों ने साझा की यादें
गांव के कई बुजुर्गों ने बताया कि मति प्रेम कौर बेहद मिलनसार स्वभाव की थीं। वे हर व्यक्ति को परिवार की तरह मानती थीं।
एक ग्रामीण ने कहा कि जब भी गांव में कोई सामाजिक कार्यक्रम होता था तो वे जरूर शामिल होती थीं। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रमों में आत्मीयता का माहौल बन जाता था।
