10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए तैयारियों में जुटे योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों गरमाहट बढ़ गई है। यूपी की 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक 5 कालिदास मार्ग पर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित की गई है। इस बैठक में सीएम योगी अपने मंत्रियों से चुनाव की तैयारियों का फीडबैक लेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म
लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मची हुई है। दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी की 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए तैयारी कर रहे हैं। 10 सीटों पर आगामी विधानसभा उपचुनाव को लेकर बुधवार को योगी ने अहम बैठक बुलाई है, जहां वे मंत्रियों से चुनाव की तैयारियों के संबंध में फीडबैक लेंगे।
मुख्यमंत्री आवास पर महत्वपूर्ण बैठक
मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग पर होने वाली इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में सीएम योगी अपने मंत्रियों से फीडबैक लेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इससे पहले, 30 जून को हुई एक बैठक में योगी ने 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में मंत्रियों की ड्यूटी लगाई थी।
15 मंत्रियों की टीम बनाई
बीते दिनों मुख्यमंत्री ने अपने 15 मंत्रियों को बुलाकर 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रत्याशी चयन को लेकर एक टीम बनाई थी। इसमें दो-दो मंत्रियों को सभी 10 विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रत्याशी चयन और जमीनी हालात की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को देने का निर्देश दिया गया था।
5-5 सीटों पर NDA और सपा का कब्जा
जिन 10 सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें से 5 सीटों पर सपा का कब्जा था। बाकी की 5 सीटों में से 3 पर बीजेपी, 1 पर निषाद पार्टी और 1 पर आरएलडी का कब्जा था। करहल, मिल्कीपुर, कटेहरी, कुंदरकी, गाजियाबाद, खैर, मीरापुर, फूलपुर, मझवा और सीसामऊ सीटों पर उपचुनाव होना है।
इन सीटों पर बीजेपी के लिए मुश्किल है मुकाबला!
करहल: अखिलेश यादव की मजबूत सीट
करहल से अखिलेश यादव विधायक थे, अब वे कन्नौज से सांसद हैं। अखिलेश यादव अपने भतीजे तेजप्रताप को लड़ाने की तैयारी में हैं।
मिल्कीपुर: अवधेश प्रसाद का गढ़
अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा ऐसी सीट है, जहां 9 बार से अवधेश प्रसाद विधायक रहे हैं और इस बार सांसद बने हैं। समाजवादी पार्टी उनके बेटे अजीत प्रसाद को चुनाव लड़ा सकती है।
सीसामऊ: सपा का मजबूत गढ़
कानपुर की सीसामऊ सीट समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी के सज़ायाफ्ता होने से खाली हुई है। यह समाजवादी पार्टी की मजबूत सीटों में से एक है, जहां इस बार सपा इरफान सोलंकी के परिवार से किसी को टिकट दे सकती है।
कुंदरकी: मुस्लिम बाहुल्य सीट
मुरादाबाद की कुंदरकी सीट संभल लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है, लेकिन मुस्लिम बहुल होने की वजह से यह सीट समाजवादी पार्टी का गढ़ मानी जाती है। जियाउर रहमान वर्क यहां से विधायक थे, जो इस बार संभल की सीट से सांसदी जीतकर आए हैं। 60 फीसदी मुस्लिम बाहुल्य वाली इस सीट पर भाजपा के लिए जीतना थोड़ा मुश्किल है।
कटहरी: लालजी वर्मा की बेटी की तैयारी
कटहरी अंबेडकरनगर की सीट है, जहां से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक लालजी वर्मा विधायक थे और इस बार अंबेडकर नगर से सपा के सांसद बन गए। अब लालजी वर्मा अपनी बेटी छाया वर्मा को यहां से चुनाव लड़ाना चाहते हैं। यह सीट भी बीजेपी के लिए मुश्किल सीटों में से एक है।
मीरापुर: मुस्लिम बहुल सीट
मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट पर बीजेपी के लिए मुकाबला आसान नहीं है। 2022 में आरएलडी और सपा गठबंधन ने यह सीट जीती थी। चंदन चौहान सपा और आरएलडी के गठबंधन में जीतकर विधायक बने थे, इस बार वे बीजेपी-आरएलडी गठबंधन से सांसद हो गए हैं। लेकिन यह सीट मुस्लिम बहुल होने की वजह से बीजेपी के लिए आसान नहीं है।
फूलपुर: भाजपा की कठिनाई
फूलपुर विधानसभा से 2022 में बीजेपी जीती थी, जहां से प्रवीण पटेल विधायक निर्वाचित हुए थे। लेकिन इस बार भाजपा ने प्रवीण पटेल को फूलपुर से सांसदी तो जीत ली, लेकिन वे फूलपुर की विधानसभा से हार गए।
बीएसपी और कांग्रेस भी कर रही हैं उपचुनाव लड़ने का दावा
बीएसपी का उपचुनाव में पहली बार उतरने का ऐलान
हाल ही में बीएसपी ने विधानसभा उपचुनाव लड़ने का ऐलान किया था। अगर बीएसपी उपचुनाव में भाग लेती है तो यह पहला मौका होगा जब मायावती की पार्टी उपचुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेंगी। इससे पहले बीएसपी उपचुनावों से खुद को दूर रखती थी।
कांग्रेस का भी चुनाव लड़ने का मन
लोकसभा चुनाव में यूपी में पिछले दो चुनावों के मुकाबले 2024 के लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसी के आधार पर कांग्रेस यूपी विधानसभा उपचुनाव में 2 से 3 सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बना रही है। हालांकि, अभी इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ है।
निष्कर्ष: उपचुनाव की तैयारी में जुटी सभी पार्टियाँ
उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी पार्टियाँ अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों के साथ बैठक कर चुनाव की तैयारियों का फीडबैक लेने का निर्णय लिया है। इस बीच, सपा, बीएसपी और कांग्रेस भी अपनी रणनीति बना रही हैं। यह उपचुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं और इन पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
