85 वर्ष की प्रेम कौर के निधन से कुटेल गांव में शोक का माहौल, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने परिवार को दी सांत्वना
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की मां का निधन: सीएम नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने जताया शोक
घरौंडा। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की मां का निधन होने की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। 85 वर्षीय प्रेम कौर ने शुक्रवार देर रात लगभग 12 बजे अपने पैतृक निवास पर अंतिम सांस ली। शनिवार दोपहर 2:30 बजे गांव कुटेल की शिवपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां परिवार के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार की रस्म विधानसभा अध्यक्ष के बड़े भाई और मुख्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र कल्याण ने मुखाग्नि देकर पूरी की।
इस दुखद अवसर पर प्रदेश के कई बड़े राजनीतिक और सामाजिक चेहरे कुटेल पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री सहित अनेक नेताओं ने प्रेम कौर को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके व्यक्तित्व व जीवन मूल्यों को याद किया।
कुटेल गांव में उमड़ा जनसैलाब
प्रेम कौर के निधन की खबर फैलते ही कुटेल गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उनके निवास स्थान पर पहुंचने लगे। ग्रामीणों, रिश्तेदारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही। हर कोई इस सम्मानित परिवार की मातृशक्ति को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचा।
गांव के बुजुर्गों का कहना था कि प्रेम कौर का स्वभाव बेहद सरल और धार्मिक था। वह हमेशा समाज के लोगों के साथ आत्मीयता से मिलती थीं और जरूरतमंदों की सहायता करने में आगे रहती थीं। इसी कारण उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में गहरा दुख महसूस किया गया।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने जताया शोक
शोक व्यक्त करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर कुटेल स्थित आवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और इस कठिन समय में हिम्मत बनाए रखने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेम कौर का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व समाज को दिशा देने का काम करते हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री ने भी कहा कि प्रेम कौर ने अपने परिवार को जिन मूल्यों के साथ आगे बढ़ाया, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है।
अंतिम संस्कार में शामिल हुए कई जनप्रतिनिधि
प्रेम कौर की अंतिम यात्रा में कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान देवेंद्र कादियान, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के बड़े भाई हरपाल ढांडा, स्वामी संपूर्णानंद, समालखा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, नगर पालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शवयात्रा के दौरान वातावरण बेहद भावुक था। परिवार के सदस्य और ग्रामीण प्रेम कौर की याद में भावुक नजर आए। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने हमेशा परिवार और समाज को जोड़कर रखने का काम किया।
अंतिम समय में परिवार के बीच थीं प्रेम कौर
परिवार के सदस्यों ने बताया कि प्रेम कौर पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण पिछले दिनों तीन दिन तक उनके साथ रहे।
हालांकि बुधवार को उन्हें किसी आवश्यक कार्य के चलते चंडीगढ़ जाना पड़ा था। शुक्रवार देर रात उन्होंने अपने घर पर ही अंतिम सांस ली। परिवार के लोगों का कहना है कि अंतिम समय में वह अपने प्रियजनों के बीच थीं, जो उनके लिए सबसे बड़ी संतुष्टि की बात थी।
पिता भी रहे प्रदेश की राजनीति का अहम चेहरा
प्रेम कौर प्रदेश के जाने-माने राजनीतिक परिवार से जुड़ी थीं। उनके पति स्वर्गीय चौधरी देवी सिंह कल्याण हरियाणा एग्रो कॉर्पोरेशन के पूर्व चेयरमैन रहे थे। उन्होंने भी अपने समय में सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
परिवार के लोगों का कहना है कि प्रेम कौर ने हमेशा परिवार को एकजुट रखने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सीख दी। यही कारण है कि उनके पुत्र आज प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रहे हैं।
मां के संस्कारों को याद कर भावुक हुए विधानसभा अध्यक्ष
श्रद्धांजलि अर्पित करते समय विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण कई बार भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी मां हमेशा उन्हें एक ही बात समझाती थीं—“कर्म करते रहो और जीवन में संयम बनाए रखो।”
उन्होंने कहा कि उनकी मां का जीवन बेहद अनुशासित और सादगीपूर्ण था। वह परिवार के हर सदस्य को धैर्य और संयम के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थीं। हरविंद्र कल्याण ने कहा कि मां की सीख उनके जीवन का मार्गदर्शन करती रहेगी।
गांव के लोगों ने सुनाए प्रेम कौर के जीवन से जुड़े किस्से
कुटेल गांव के बुजुर्गों ने बताया कि प्रेम कौर बेहद मिलनसार स्वभाव की थीं। वह हर सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेती थीं और लोगों के दुख-सुख में साथ खड़ी रहती थीं।
गांव की महिलाओं का कहना था कि प्रेम कौर हमेशा नई पीढ़ी को संस्कारों और परंपराओं का महत्व समझाती थीं। उनका मानना था कि परिवार और समाज की मजबूती संस्कारों से ही आती है।
श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा सम्मान
अंतिम संस्कार से पहले आयोजित श्रद्धांजलि सभा में लोगों ने प्रेम कौर के जीवन को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। कई वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार को मजबूत संस्कार दिए और समाज में सेवा का संदेश दिया।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रेम कौर का जीवन सादगी और सेवा का उदाहरण था। उनके जाने से समाज ने एक सम्मानित व्यक्तित्व को खो दिया है।
समाज में छोड़ गईं गहरी छाप
प्रेम कौर का जीवन भले ही सादगीपूर्ण रहा हो, लेकिन उनके संस्कार और विचार आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं। उनके परिवार के सदस्य और गांव के लोग बताते हैं कि उन्होंने हमेशा समाज को जोड़ने का काम किया।
उनके निधन से कुटेल गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। लोग लगातार उनके परिवार के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
