महाराष्ट्र और झारखंड में आज लोकतंत्र का महापर्व है। जहां महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, वहीं झारखंड में दूसरे चरण के तहत 38 सीटों पर वोटिंग हो रही है। इन चुनावों में कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
महाराष्ट्र में दिग्गजों की परीक्षा, 288 सीटों पर वोटिंग
यहां की राजनीति का यह चुनावी संग्राम कई मायनों में खास है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उनके पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे, डिप्टी सीएम अजित पवार, पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस और एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार जैसे दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा इस चुनाव में दांव पर है।
मुख्यमंत्री शिंदे और उद्धव ठाकरे की ‘शिवसेना’ में मुकाबला
शिवसेना के टूटने के बाद पहली बार चुनावी मैदान में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे आमने-सामने हैं। शिंदे गुट भाजपा के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन में है, जबकि ठाकरे गुट विपक्षी महा विकास अघाड़ी का हिस्सा है। दोनों ही गुटों के लिए यह चुनाव अस्तित्व की लड़ाई है।
एनसीपी: चाचा-भतीजे की सियासी जंग
शरद पवार और अजित पवार की पारिवारिक और राजनीतिक लड़ाई पश्चिमी महाराष्ट्र की कई सीटों पर नजर आ रही है। शरद पवार जहां ‘विश्वासघातियों को हराने’ की अपील कर रहे हैं, वहीं अजित पवार अपने चाचा के खिलाफ सीधे हमले से बच रहे हैं।
पार्टियों के प्रदर्शन पर नजर
महाराष्ट्र में भाजपा 149 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, शिवसेना (शिंदे गुट) 81 और अजित पवार की एनसीपी 59 सीटों पर उम्मीदवार उतार चुकी है। दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस 101, शिवसेना (ठाकरे गुट) 95 और शरद पवार की एनसीपी 86 सीटों पर चुनावी मैदान में है।
झारखंड में दूसरे चरण का मतदान, 38 सीटों पर मुकाबला
झारखंड में दूसरे चरण के मतदान में 38 सीटों पर फैसला होना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी सहित 500 से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत आज ईवीएम में बंद हो जाएगी।
एनडीए बनाम इंडिया ब्लॉक: सियासी मुकाबला तेज
यहां मुख्य मुकाबला भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी के इंडिया ब्लॉक के बीच है। भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भ्रष्टाचार और बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। वहीं, इंडिया ब्लॉक ने आदिवासी कल्याण योजनाओं और सोरेन सरकार के कामकाज को अपना मुख्य एजेंडा बनाया।
हेमंत सोरेन पर बीजेपी का हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य भाजपा नेताओं ने हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में घेरने की कोशिश की। भाजपा ने सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले और आदिवासी हितों की अनदेखी के मुद्दे पर घेरने की रणनीति अपनाई है।
चंपाई सोरेन का मुद्दा गर्माया
हेमंत सोरेन के सीएम पद से चंपाई सोरेन को हटाने के बाद यह मामला बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया। भाजपा ने इसे आदिवासी अपमान का मामला बताया और चंपाई सोरेन को अपने पाले में कर लिया।
चुनावी गणित: कौन कहां खड़ा है?
महाराष्ट्र
- भाजपा: 149 सीटों पर
- शिवसेना (शिंदे गुट): 81 सीटों पर
- एनसीपी (अजित पवार गुट): 59 सीटों पर
- कांग्रेस: 101 सीटों पर
- शिवसेना (ठाकरे गुट): 95 सीटों पर
- एनसीपी (शरद पवार गुट): 86 सीटों पर
झारखंड
- भाजपा: 68 सीटों पर
- AJSU: 10 सीटों पर
- जेएमएम: 43 सीटों पर
- कांग्रेस: 30 सीटों पर
- आरजेडी: 6 सीटों पर
झारखंड: आरक्षित सीटों का समीकरण
इस चरण में 28 सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) और 9 अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित हैं। पिछले चुनाव में जेएमएम ने एसटी की 19 सीटों पर कब्जा जमाया था, जबकि कांग्रेस और भाजपा ने क्रमश: 6 और 2 सीटें जीती थीं।
23 नवंबर को आएंगे नतीजे
महाराष्ट्र और झारखंड में चुनावी नतीजे 23 नवंबर को घोषित होंगे। दोनों राज्यों में जो भी दल जीतेगा, वह 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने में कामयाब होगा।
यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक दिग्गजों की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और लोकतंत्र की ताकत का भी इम्तिहान है। मतदाता अपने वोट से तय करेंगे कि महाराष्ट्र और झारखंड की बागडोर किसके हाथ में होगी।
