जम्मू कश्मीर बस हमले में घायल तीर्थयात्रियों की दर्दनाक आंखों देखी: ‘आतंकी 5-6 गोली चलाकर रुकते, फिर फायरिंग शुरू कर देते थे’

जम्मू कश्मीर बस हमले में घायल तीर्थयात्रियों की दर्दनाक आंखों देखी: 'आतंकी 5-6 गोली चलाकर रुकते, फिर फायरिंग शुरू कर देते थे'
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जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों से भरी एक बस पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया, जिससे 10 लोगों की मौत हो गई और लगभग 30 से अधिक लोग घायल हो गए। इस हमले के दौरान आतंकियों ने बस पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे ड्राइवर को गोली लगने के बाद बस खाई में जा गिरी। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया है। यह बस शिवखोड़ी से कटरा की ओर जा रही थी जब यह हमला हुआ।

आंखों देखी: तीर्थयात्रियों के बयान

संतोष कुमार वर्मा का बयान

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के निवासी संतोष कुमार वर्मा, जो इस हमले में घायल हुए, ने बताया कि शिवखोड़ी में दर्शन के बाद वे कटरा की ओर जा रहे थे। जब बस ऊंचाई से नीचे उतर रही थी, तब एक आतंकवादी ने बीच सड़क पर फायरिंग शुरू कर दी। ड्राइवर को गोली लगते ही बस खाई में गिर गई। आतंकियों ने करीब 20 मिनट तक गोलियां चलाईं। गोलीबारी रुकने के बाद पुलिस आई और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। संतोष ने बताया कि आतंकी 5-6 गोली चलाकर रुक जाते और फिर पांच मिनट बाद फायरिंग शुरू कर देते थे।

नीलम गुप्ता का बयान

नीलम गुप्ता, जो उत्तर प्रदेश के गोंडा की रहने वाली हैं, ने कहा कि वे शिवखोड़ी से दर्शन करके लौट रहे थे, तभी आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। बस डिसबैलेंस होकर खाई में गिर गई। नीलम ने बताया कि बस में करीब 40 लोग थे, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। उनके हाथ और पैर में चोटें आई हैं। उनके परिवार में पति, देवर, और अन्य रिश्तेदार भी घायल हुए हैं।

पल्लव का बयान

नीलम गुप्ता के बेटे पल्लव ने बताया कि हम बस में थे और अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी। जब फायरिंग बंद हुई, तो हम बस से बाहर निकले। खाई में गिरने के बाद उनके पिता ने उन्हें सीट के नीचे से निकाला।

अन्य तीर्थयात्रियों का बयान

एक अन्य तीर्थयात्री ने बताया कि 6-7 आतंकवादी थे, जिनके चेहरे नकाब से ढके हुए थे। उन्होंने बस को सड़क पर चारों ओर से घेरकर गोलीबारी की। बस गिरने के बाद वे नीचे आए और यह सुनिश्चित करने के लिए फायरिंग करते रहे कि सभी लोग मारे जाएं। तीर्थयात्री ने बताया कि यह घटना शाम छह बजे शिवखोड़ी से वैष्णो देवी के लिए बस चलने के 30 मिनट बाद घटी।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह का बयान

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि तीर्थयात्रियों पर हुए नृशंस आतंकी हमले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और जम्मू-कश्मीर के डीजीपी आरआर स्वैन से बात कर स्थिति का जायजा लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्देश

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद की स्थिति का जायजा लिया और उन्हें लगातार स्थिति की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस जघन्य कृत्य के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें जल्द ही दंडित किया जाएगा।

हमले की निंदा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटना को जम्मू-कश्मीर में चिंताजनक सुरक्षा स्थिति की वास्तविक तस्वीर बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी एनडीए सरकार के शपथ लेने के समय ही तीर्थयात्रियों पर हमला होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की महबूबा मुफ्ती और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के गुलाम नबी आजाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने इस हमले की निंदा की है।

मृतकों की पहचान

रियासी की एसएसपी मोहिता शर्मा ने बताया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार आतंकवादियों ने घात लगाकर बस पर गोलीबारी की थी। बस शिवखोड़ी से कटरा के लिए निकली थी। हमले के बाद ड्राइवर ने संतुलन खो दिया और बस खाई में गिर गई। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान पूरा हो गया है, लेकिन मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि वे सभी उत्तर प्रदेश के हैं। शर्मा ने कहा कि वे आमतौर पर हाई अलर्ट पर रहते हैं और पिछले कई दिनों से आसपास के क्षेत्रों में लगातार गश्त के साथ शिवखोड़ी मंदिर को पूरी तरह से सुरक्षित कर लिया है।

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