संसद का मानसून सत्र: 22 जुलाई से 9 अगस्त तक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी बजट

संसद का मानसून सत्र: 22 जुलाई से 9 अगस्त तक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी बजट
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नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र 22 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगा। सूत्रों के अनुसार, इस सत्र में मोदी सरकार 3.0 का बजट पेश किया जाएगा, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 22 जुलाई को प्रस्तुत कर सकती हैं।

हालांकि, बजट की तारीख को लेकर सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 जून को लगातार तीसरी बार कार्यभार संभाला है और आने वाले समय में वे एक नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में हैं। वे देश की पहली ऐसी वित्त मंत्री बन जाएंगी, जो लगातार सातवां बजट और लगातार छठा पूर्ण बजट पेश करेंगी। अभी तक उन्होंने पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश किया है।

फरवरी में पेश हुआ था अंतरिम बजट

इससे पहले, वित्त मंत्री ने फरवरी में अंतरिम बजट पेश किया था, जिसमें उन्होंने 2025-2026 तक राजकोषीय घाटा 5.1% रहने का अनुमान व्यक्त किया था। उन्होंने बताया था कि 44.90 लाख करोड़ रुपए का खर्च है और 30 लाख करोड़ का राजस्व आने का अनुमान है।

पहला संसद सत्र 24 जून से

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट अगले महीने नवगठित 18वीं लोकसभा में पेश किया जाएगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को बताया कि 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से शुरू होकर 3 जुलाई को समाप्त होगा। इस नौ दिवसीय विशेष सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा और नए सांसद शपथ लेंगे। इस बीच, राज्यसभा का 264वां सत्र 27 जून से 3 जुलाई, 2024 तक चलेगा। यह लोकसभा चुनावों के बाद पहला संसद सत्र होगा।

राष्ट्रपति का अभिभाषण

27 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी और अगले पांच साल के लिए नई सरकार के रोडमैप की रूपरेखा पेश करेंगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में अपने मंत्रिपरिषद का परिचय देंगे।

नए सांसदों की शपथ

सत्र के पहले तीन दिनों के दौरान नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेंगे और लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। इसके बाद मानसून सत्र आएगा और इसमें पूर्ण बजट पेश किए जाने की तैयारी चल रही है।

तैयारियों की जोरों पर

मानसून सत्र के दौरान विभिन्न विधायी कार्यों के साथ-साथ बजट पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, इस बार के बजट में कई नई योजनाओं और परियोजनाओं की घोषणा की जा सकती है। इन योजनाओं का लक्ष्य देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और विकास की गति को बढ़ाना है।

सरकार की प्राथमिकताएं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्राथमिकताओं में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे का विकास प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की संभावना है।

विपक्ष की रणनीति

विपक्षी दल भी मानसून सत्र के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। वे सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों पर सवाल उठाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे।

महत्वपूर्ण विधेयक

इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और पारित होने की संभावना है। इनमें से कुछ विधेयक पहले ही लोकसभा में पेश किए जा चुके हैं, जबकि कुछ नए विधेयक भी लाए जा सकते हैं।

सत्र की चुनौतियाँ

मानसून सत्र के दौरान सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। विपक्ष के कड़े विरोध के अलावा, सरकार को आर्थिक मुद्दों पर भी गहन चर्चा का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही, विभिन्न राज्यों के मुद्दों को भी सदन में उठाया जाएगा, जिनका समाधान खोजना सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा।

सत्र का महत्व

संसद का मानसून सत्र हमेशा से ही महत्वपूर्ण रहा है, क्योंकि इसमें सरकार की नीतियों और योजनाओं का परीक्षण होता है। इसके अलावा, यह सत्र सरकार के कार्यों और उनकी दिशा को निर्धारित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस बार का मानसून सत्र कई महत्वपूर्ण मुद्दों और चुनौतियों के साथ शुरू हो रहा है, और उम्मीद है कि यह सत्र देश के विकास और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम होगा।

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